गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : हरियाणा में शिक्षा के नाम पर काफी घोटाले हर जिले में चल रहे है। जिसकी आवाज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी उठ चुकी है,लेकिन फिर भी प्रदेश सरकार का शिक्षा विभाग कुम्भ करनी नींद में सोया हुआ है। जिससे जहां बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है, वहीं अभिभावकों की जेबों पर डाका सरे-आम डाला जा रहा है। हालांकि हाईकोर्ट के डंडे के डर से प्रदेश का शिक्षा विभाग केवल चिट्ठी लिखकर खानापूर्ति कर रहा है। जिनका शिक्षा माफियाओं पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। जिससे प्रदेश भर में अवैध स्कूलों की बाढ़ आई हुई है। वहीं गुरुग्राम के एक नामी स्कूल का आरटीआई से खुलासा हुआ है कि उसने सीबीएसई से अनुमति केवल 4 स्कूलों की ली हुई है, लेकिन गुरुग्राम के विभिन्न क्षेत्रों में उनके करीब 19 स्कूल खुले हुए हैं। जिसकी शिकायत आरटीआई एक्टिविस्ट ने शिक्षा विभाग को भी की है।

गुरुग्राम निवासी सुखबीर सिंह आरटीआई एक्टिविस्ट ने सीबीएसई नई दिल्ली से 17 जून 2025 को एक आरटीआई आवेदन देकर जानकारी मांगी थी कि हरियाणा राज्य में जीएवी इंटरनेशनल स्कूल नाम से कितने स्कूल खुले हुए हैं। स्कूलों के पते सहित जिले वार सूची उपलब्ध कराएं, जिसमें कक्षा 1 से 8 वी तथा 9 से 12वीं से सम्बंधित प्रति दी जाएं। जिसके जवाब में सीबीएसई के जन सूचना अधिकारी ने 17 जुलाई को जो सूचना आवेदन को उपलब्ध कराई है वह बड़ी ही चौंकाने वाली है, आरटीआई एक्टिविस्ट ने उपलब्ध आरटीआई की कॉपी दिखाते हुए बताया कि सीबीएसई द्वारा जारी पत्थर के अनुसार गांव इंटरनेशनल स्कूल के नाम से गुरुग्राम में केवल चार स्कूल है, जबकि सोशल मीडिया व समाचार पत्रों में छपी खबरों के अनुसार गुरुग्राम के विभिन्न क्षेत्रों में जीएवी इंटरनेशनल स्कूल के नाम से करीब 19 शिक्षा संस्थान चल रहें हैं।
उन्होंने एक यूट्यूब की वीडियो दिखाते हुए बताया कि उक्त ग्रुप के अभी हाल ही में एक स्कूल के उद्घाटन समारोह में एक प्रसिद्ध बाबा कैमरे के सामने बोल रहे हैं कि आज इस संस्था का 19वां स्कूल शुरू हो गया है। जिससे यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि गुरुग्राम में शिक्षा के नाम पर एक नामी स्कूल सरकार में अभी भाव के आंखों में कितनी घुल झोंक रहा है। जिसपर जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग व अन्य सम्बन्धित विभाग आखिर क्यों आंखें बंद किए हुए कुंभ करनी नींद में सोया हुआ है। जबकि प्रदेश में चल रहे अवैध स्कूलों के बारे में हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश है कि उनको जल्द से जल्द बंद कराया जाए। हालांकि गुरुग्राम के शिक्षा विभाग ने खानापूर्ति के लिए एक दो स्कूलों को सील भी किया है लेकिन दबंग ऊंची पहुंच वाले रसूखदार नेताओं की मिली भगत से हाईकोर्ट के आदेश को भी दर किनारे कर अवैध स्कूलों का गोरख धंधा काफी फल फूल रहा है। आरटीआई एक्टिविस्ट ने बताया कि उक्त संस्थान के जितने भी स्कूल चल रहें हैं, उनमें अंदरुनी काफी अनियमितताएं भी उजागर हो चुकी है। जिसके बारे में उन्होंने प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग को भी चिट्ठी लिखी हुई है,कि स्कूल संचालको ने किस तरह फर्जी कागजात तैयार कर सरकार को भी गुमराह करके कई अन्य अनुमति ली हुई है। यहां तक की फर्जी एफिडेविट भी विभागों को दिया हुआ है। यह सब उनकी ऊंची पहुंच तथा भ्रष्टाचार से ही संभव है। वहीं उनका एक भाई एचएसवीपी विभाग में ऊंचे पद पर गुरुग्राम में ही तैनात है। जिसके बल पर स्कूल ने सैक्टर 5 तथा पालम विहार क्षेत्रों में चल रहे स्कूलों के पास बनी ग्रीन बेल्ट पर भी अवैध कब्जा जमा रखा है।
*RTI एक्टिविटी को है जान माल का खतरा*
गुरुग्राम के आरटीआई एक्टिविस्ट सुखबीर सिंह जिसने उक्त स्कूल के बारे में बड़ा खुलासा किया है,उसने अपनी जान माल को भी खतरा बताया है, उनका कहना था कि उनके घर के आसपास अधिकतर संदिग्ध लोग घुमते फिरते रहते हैं। उन्होंने दबी जबान में बताया कि उनके साथ कभी भी कहीं भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बता दें कि आरटीआई एक्टिविस्ट तथा एक पत्रकार पर उक्त संस्थान के संचालक ने अवैध वसूली का मामला भी पुलिस में दर्ज कराया हुआं है। जिसमें उन्हें अदालत से जमानत मिली हुई है।
