गुरुग्राम, सतीश कौशिक : एक तरफ तो प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मीडिया में बयान देकर हरियाणा वासियों को बेहतर पुलिस प्रशासन देने के दावे करते नहीं थकते हैं। वहीं दूसरी तरफ पुलिस के दबंगों से मिली भगत और भ्रष्टाचार में शामिल होकर जागरूक प्रदेशवासियों को तरह-तरह से प्रताड़ित करने के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। जिससे जहां हरियाणा पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है,वहीं भाजपा सरकार भी नागरिकों के निशाने पर हैं,प्रदेशवासी भाजपा को भी खुब कोस रहे हैं, फिर भी भ्रष्ट व लापरवाह अधिकारियों के सर पर जू तक नहीं रेंग रही है। जिससे लोगों में भाजपा सरकार व उनके भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ रोष पनप रहा है। वहीं भ्रष्टाचार में दबंगों को शय देने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी बिगुल बजा रहे हैं। ऐसे ही एक अवैध वसूली के मामले में वार्ड तीन के गांव मोलाहेडा निवासी एक जागरूक नागरिक ने स्थानीय थाना पालम विहार के एसएचओ पर भी सरकारी जमीन पर अवैध बाजार (सब्जी मंडी) लगाकर वसूली करने वाले वेदप्रकाश से मिली भगत होने का आरोप लगाते हुए, सीपी गुरुग्राम सहित प्रदेश के आल्हा अधिकारियों को दरखास्त भेजकर कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निगम वार्ड 3 के गांव मोलाहेडा के एक जागरूक नागरिक ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि वेद प्रकाश पुत्र रतनलाल जो गांव मोलाहेडा का रहने वाला है ने सैक्टर 22 पुलिस रेस्ट हाऊस के पीछे सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्ज़ा कर रखा है जहां पर वह अवैध बाजार लगवाकर वसूली करता है। जिसमें थाना पालम विहार के एसएचओ की भी मिलीभगत पाई जाती है। जबकि तत्कालीन एसीपी ने इस संबंध में दो बार मुकदमा भी उपरोक्त व्यक्ति पर दर्ज कराया था।
शिकायत के अनुसार उक्त व्यक्ति खुलेआम रंगदारी वसूलता है और पुलिस को भी अपनी “निजी पुलिस” समझ कर यह गोरखधंधा कार्य करता है। जिस वजह से अधिकांश मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन जाम की समस्या बनी रहती है जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उसके साथ कुछ शरारती तत्व भी रहते हैं जो गाँव के शांत वातावरण को हमेशा भंग करने की फिराक में रहते हैं। जिससे क्षेत्र में हमेशा ही भयंकर नरसंहार होने की संभावना बनी रहती है। उन्होंने अधिकारियों को भेजी शिकायत में कहा है कि उसके विरुद्ध पुलिस के कई अन्य थानों में भी मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें नजफगढ़, पटौदी, पालम विहार, अशोक विहार, तथा बजघेडा इत्यादि शामिल है।

उन्होंने अधिकारियों को शिकायत भेजते हुए गुहार लगाई है कि इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई की जाए जिससे कि क्षेत्र का माहौल साफ सुथरा व शांतिप्रिय बना रहे।बता दें कि आरोपी वेद प्रकाश द्वारा एचएसवीपी की सड़क पर लगवाए जा रहे अवैध बाजार सब्जी मंडी की दर्जनों शिकायत आरडब्ल्यूए सेक्टर 22 पाकेट डी के प्रधान हितेश यादव ने पुलिस,नगर निगम, उपायुक्त,जीएमडीए, एचएसवीपी विभाग तथा सीएम विंडो पर भी भेजी हुई है। वहीं जिला नोडल अधिकारी आरएस भाट को भी इस अवैध वसूली के मामले से अवगत कराया हुआं है, लेकिन आज तक आरोपियों पर कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, हालांकि एचएसवीपी विभाग ने थाना पालम विहार को सरकारी जमीन पर अवैध सब्जी मंडी बाजार लगाकर वसूली करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पत्र भी भेजा हुआ है। लेकिन पुलिस की मिली भगत से सभी दरखास्ते रद्दी की टोकरी में दबी पड़ी हुई है।
बता दें कि आरोपी वेद प्रकाश ने ही गत मार्च महीने में होलिका दहन की आड़ में ग्रीन बेल्ट में काफी हरे भरे पेड़ों को भी जलाकर नष्ट कर दिया था, जिसकी शिकायत करने पर पुलिस व प्रशासन ने मामले में लीपापोती कर दी गई। जिसकी सूचना भी आरडब्ल्यूए सैक्टर 22 ने की थी, जिसमें जिला नोडल अधिकारी आरएस भाट भी मौके पर जांच-पड़ताल करने पहुंचे थे।
गौरतलब है कि वेदप्रकाश ने गांव मोलाहेडा के ही एक जागरूक नागरिक पर दो लाख रुपए मानहानि का फर्जी केस अदालत में डाला हुआ है। जिसमें उसने सतीश पर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं, यहां तक कि फर्जी शिकायत व पैसे लेने के आरोप लगाएं है,जबकि वेदप्रकाश ने जब केस डाला था उस समय उसपर इसी सब्जी मंडी से अवैध वसूली का केस अदालत में चल रहा था, जिसमें दिसम्बर 2024 को एक गवाह के गवाही न देने तथा एक गवाह द्वारा दिए गए अपने पहले ब्यान से मुकरने की वजह से अदालत ने उसे बरी कर दिया था। लेकिन मानहानि केस में अदालत में अपने बयान में वेदप्रकाश स्वयं कहता है कि मैंने सतीश को किसी से पैसे मांगने या लेते हुए नहीं देखा, तथा गांव मोलाहेडा निवासी गंगाराम पुत्र रतनलाल उसका दोस्त नहीं है। उसने गौशाला में 15 लाख रुपए दान दिए हैं। उसने गांव के खसरा नम्बर 57 पर मकान बना रखा है। गंगाराम वहीं व्यक्ति हैं जिसने सतीश भारद्वाज पर फर्जी पत्रकार तथा ब्लैकमेलिंग में पैसे लेने के आरोप लगाकर हाईकोर्ट में पिटीशन डाली थी, जिसमें कोस्ट लगने के डर से अदालत की अनुमति लेकर वापस ले ली थी।
उपरोक्त शिकायत से तो यही लगता है कि वेदप्रकाश तो बहुत बड़ा क्रिमिनल टाईप का व्यक्ति हैं। उसने सतीश को परिवार सहित जान से मरवाने की धमकी भी दे रखी है। तथा थाना पालम विहार पुलिस से मिलकर कई फर्जी मामले बनवाकर बदनाम कर रखा है। इनकी एक गेग बनी हुई है, जिसमें पुर्व बीजेपी पार्षद उसके परिवार के सदस्य तथा चहेते शामिल हैं।
