गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: जनगणना -2027 की तैयारियों के तहत गुरुग्राम में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन शुक्रवार को डीसीओ अधिकारी गुरविंदर पाल सिंह की अध्यक्षता में चार्ज ऑफिसर्स, सेंसस क्लर्क और तकनीकी सहायकों को जनगणना की डिजिटल प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में अधिकारियों को हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस की प्रक्रिया, डिजिटल डेटा संग्रहण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना का पहला चरण मकान सूचीकरण और आवासीय विवरण से संबंधित होगा, जिसके तहत प्रत्येक भवन और परिवार का सटीक विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके लिए प्रगणकों को डिजिटल एप्लिकेशन और सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से जानकारी अपलोड करनी होगी। अधिकारियों को यह भी समझाया गया कि फील्ड में कार्य करते समय किसी भी घर या क्षेत्र का विवरण छूटना नहीं चाहिए और दर्ज किए गए आंकड़ों की नियमित निगरानी की जाए।डीसीओ अधिकारी गुरविंदर पाल सिंह ने कहा कि जनगणना कार्य प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के आधार पर विभिन्न विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीतियों का निर्धारण किया जाता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण में दी जा रही जानकारी को गंभीरता से समझें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रशिक्षित करें।प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों को यूजर मैनेजमेंट सिस्टम, डिजिटल एप्लिकेशन के उपयोग, यूजर अकाउंट निर्माण और डेटा दर्ज करने से संबंधित तकनीकी प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि जनगणना के दौरान प्राप्त आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सुपरवाइजर और चार्ज ऑफिसर्स की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

