
गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : रियल इस्टेट की दिग्गज कंपनी एम3एम पर एक पूर्व कर्मचारी ने कम्पनी के एचआर शाखा से जुड़े कुछ अधिकारियों पर निंदनीय और आपराधिक साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि उसने 7 अगस्त 2025 और 17 अगस्त 2025 को ईमेल के माध्यम से संबंधित कार्यालय में शिकायतें दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगाई थी, जिनकी प्रतियां उसने साक्ष्य के रूप में संलग्न भी की हैं। इसके बावजूद भी काफी समय बीतने के बाद कथित साजिशकर्ताओं पर कोई प्रभावी कार्रवाई न होने का आरोप लगाया गया है।पीड़ित नरसी यादव के अनुसार, बताया गया है कि उसे अलग-अलग फोन नंबरों से लगातार परेशान किया जा रहा है। उसका कहना है कि कथित साजिशकर्ताओं ने डराने-धमकाने का नया तरीका अपनाते हुए “फुल एंड फाइनल” सेटलमेंट की प्रक्रिया शुरू की थी, और बाद में दस्तावेज देने के नाम पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि कंपनी के एक HR अधिकारी द्वारा व्हाट्सऐप कॉल के जरिए उसे धमकाया गया, ब्लैकमेल किया गया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि HR अधिकारी ने पहले दी गई शिकायतें वापस लेने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। जबकि पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसे उसका फुल एंड फाइनल चेक, रिलीविंग लेटर, एक्सपीरियंस लेटर और एनओसी जानबूझकर रोके जा रहे हैं, जिससे उसे नई नौकरी पाने में भारी परेशानी हो रही है। जिससे परिवार में आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है।
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने इस बारे में उपायुक्त द्वारा जिले में लगने वाले समाधान शिविर में कम्पनी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न्याय की गुहार भी लगाई थी, लेकिन कम्पनी की ऊंची पहुंच के चलते जांच अधिकारी सही तथ्यों पर जांच-पड़ताल न करके मामले को रफा-दफा कर रहे हैं। उनके द्वारा दी गई दरखास्त पर दोषियों को जांच अधिकारी ने एक दफा भी नहीं बुलाया गया। जबकि उन्होंने अपनी मेल से प्रदेश सरकार के उच्च अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया हुआं है।
पीड़ित नरसी यादव ने बताया कि उन्होंने गत माह 15 जनवरी 2026 को भी उपायुक्त महोदय को एक लिखित दरखास्त देकर न्याय की गुहार लगाई थी, जिससे बचने के लिए कम्पनी ने उसके खिलाफ थाना सैक्टर 65 में मेरी आवाज़ को दबाने व मुझे बदनाम करने के लिए एक फर्जी शिकायत 30 जनवरी 2026 को किसी फर्जी केस में फंसाने के लिए दी है।वहीं पीड़ित मिडिया के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि कम्पनी ने उसे प्रताड़ित कर बाउंसरों का डर दिखाकर नौकरी से निकाल दिया और उसका पैसा भी रोक रखा है। जिससे उसका परिवार काफी मानसिक तनाव तथा आर्थिक परेशानी से गुज़र रहा है। काफी शिकायत देने के बाद भी सरकार उसकी कोई मदद नहीं कर रही है। उसे तरह तरह से परेशान किया जा रहा है।



