चंडीगढ़, सतीश भारद्वाज : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बालीवुड अभिनेत्री एवं मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा दायर एक मानहानि से सम्बंधित याचिका को खारिज कर बड़ा झटका दिया है, जिसमें उन्होंने बठिंडा की एक बुजुर्ग महिला द्वारा उनके खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत पर समन आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी।
सांसद ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत उनके खिलाफ दायर आपराधिक शिकायत में समन आदेश और मामले में आगे की सभी कार्यवाही को रद्द करने की अदालत में 2022 को याचिका दायर की थी।
याचिका पर तीन साल तक चली सुनवाई में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने याचिका में कोई दम नहीं मिलने पर खारिज कर दिया। जिससे अब सांसद को ट्रायल कोर्ट में केस का सामना करना पड़ेगा। जिससे एक बार फिर कंगना सुर्खियों में आ गई है, इससे पहले भी चण्डीगढ़ एयरपोर्ट पर थप्पड़ कांड के बाद काफी सुर्खियों में रही थी।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया की एकल पीठ ने शिकायत और समन आदेश को रद्द करने के तर्क को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि “याचिकाकर्ता, जो एक सेलिब्रिटी हैं, के विरुद्ध विशिष्ट आरोप हैं कि रीट्वीट में उनके द्वारा लगाए गए झूठे और मानहानिकारक आरोपों ने प्रतिवादी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाई है और उनकी अपनी ही नज़र में, और दूसरों की नज़र में भी, उन्हें नीचा दिखाया है। इसलिए, उनके अधिकारों की रक्षा के लिए शिकायत दर्ज करना दुर्भावनापूर्ण नहीं कहा जा सकता है।”
अदालत ने आगे कहा कि मजिस्ट्रेट ने रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री पर पूरी तरह से विचार किया है, और यह संतुष्टि दर्ज करने के बाद ही कि याचिकाकर्ता के विरुद्ध प्रथम दृष्टया धारा 499 आईपीसी के तहत अपराध का गठन हुआ है, तभी आगे की प्रक्रिया जारी की गई है। उन्हें पंजाब की स्थानीय अदालत में मुकदमे का सामना करना होगा।
*क्या था मामला*
पंजाब की बठिंडा न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 22 फ़रवरी, 2022 को सांसद कंगना को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया था। जिसपर उन्होंने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और तर्क दिया था कि निचली अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 202 का गलत इस्तेमाल किया है।
सांसद कंगना के खिलाफ मानहानि का उक्त मामला बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जंडियन गाँव की 73 वर्षीय महिंदर कौर ने अदालत में दर्ज कराया था। कौर ने बठिंडा के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि शिकायत में उनकी तुलना शाहीन बाग में किसानों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी और एक पत्रिका में छपी एक अन्य बुजुर्ग महिला से की गई थी। उन्होंने तर्क दिया कि अपमानजनक सामग्री ने न केवल उनके सम्मान और गरिमा को ठेस पहुँचाई है, बल्कि साथी प्रदर्शनकारियों के बीच उनकी प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुँचाई है। उन्होंने दावा किया कि उनका शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन या पत्रिका में छपी महिला से कोई संबंध नहीं है और ये आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। चाहे मामला कुछ भी हो लेकिन अभीनेत्री से सांसद बनी कंगना की मुसिबत बढ़ती नजर आ रही है।
- उन्होंने आरोप लगाया था कि कंगना रनौत ने एक ट्वीट में उन्हें शाहीन बाग की मशहूर बिलकिस बानो बताया तथा यह कहकर बदनाम किया था कि ऐसी महिलाओं को विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए 100-100 रुपये देकर काम पर रखा जा सकता है।
बाद में हटा दिए गए इस ट्वीट में महिंदर कौर को दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन में उनकी भागीदारी के दौरान निशाना बनाया गया था।
