गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुग्राम के साउथ सिटी-1 इलाके की खराब सड़कों, गन्दगी व अवैध अतिक्रमण और यातायात की समस्याओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जनहित याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की खंडपीठ ने राज्य सरकार, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), नगर निगम गुरुग्राम और अन्य प्राधिकारियों को नोटिस जारी कर निर्देश दिए है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका गुरुग्राम निवासी ब्रिगेडियर परमजीत सिंह और क्षेत्र के अन्य निवासियों द्वारा अधिवक्ता यामिनी नैन के माध्यम से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता वरुण ढांडा ने दलील दी कि साउथ सिटी-1 के लोग लंबे समय से टूटी सड़कों, अतिक्रमण और यातायात जाम की समस्या से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनने के बावजूद कार्य आगे नहीं बढ़ा।
अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि क्षेत्र में सड़कों की हालत दयनीय बनी हुईं हैं, जगह-जगह अवैध अतिक्रमण की भरमार हैं जिससे स्थानीय निवासियों को रोज़ाना यातायात की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अंकुर मित्तल ने अदालत को बताया कि ₹7.65 करोड़ से अधिक की लागत से संबंधित परियोजनाओं का विस्तृत अनुमान तैयार कर लिया गया है।
निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और **52 कार्यों के लिए कार्य आदेश भी जारी किए जा चुके हैं।**
उन्होंने कहा कि स्वीकृति पत्र 2 मई को जारी कर दिया गया था, लेकिन चल रहे मानसून के कारण वास्तविक कार्य प्रारंभ नहीं हो सका।सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश नागू ने कहा कि याचिकाकर्ता कुछ समय प्रतीक्षा कर सकते हैं और यदि बाद में भी समस्याएं बनी रहती हैं तो पुनः अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
हालांकि, याचिकाकर्ताओं के वकील ने तर्क दिया कि गुड़गांव में दशकों से काम पूरे नहीं हो पाए हैं।सरकारी वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस सड़क को लेकर विशेष तौर पर शिकायत की जा रही है, वह फिलहाल नए कार्यों का हिस्सा नहीं है।अदालत ने फिलहाल मामले में राज्य सरकार से विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश देते हुए अगली तारीख तक जवाब मांगा है।
बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इससे पहले भी साफ सफाई गंदगी एवं सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर कई जनहित याचिका डल चुकी है, वहीं कई भ्रष्टाचार से संबंधित मामले भी हाईकोर्ट तथा लोकायुक्त हरियाणा में जा चुके हैं, लेकिन मिली भगत तथा राजनैतिक दबाव के कारण अधिकांश मामले ठंडे बस्ती में पड़े हुए हैं। जिन पर गुड़गांव में बैठे भ्रष्ट अधिकारी भी कुछ भी बोलने से कतराते हैं। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के कई मामले तो पालम विहार ,सेक्टर 5, 21, 22, 23 तथा गांव नाथूपुर ,वजीराबाद, कन्हैई, घाटा, डूंडाहेड़ा, ग्वाल पहाड़ी सहित अन्य सुर्खियों में बने हुए हैं जिन पर सफेद फोश रसूखदार लोगों के कब्जे हैं। जिन पर कोई भी अधिकारी कुछ भी करने से डरते हैं।

