
गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : नगर निगम गुरुग्राम एवं डब्ल्यूआरआई इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्वच्छता ही सेवा’ एवं ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के अंतर्गत खुले में कचरा जलाने की रोकथाम एवं कचरे के उचित प्रबंधन को लेकर विशेष जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में स्थानीय नागरिकों, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों, वार्ड कमेटी सदस्यों तथा नगर निगम कर्मचारियों ने भाग लिया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य खुले में कचरा जलाने से होने वाले पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा कचरे के स्रोत पर ही उचित पृथक्करण, संग्रहण एवं वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा देना रहा।
*खुले में कचरा जलाना पर्यावरण व स्वास्थ्य समस्या*
कार्यक्रम में नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि खुले में कचरा जलाना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर समस्या है। उन्होंने नागरिकों से कचरे को जलाने के बजाय उसका स्रोत पर ही उचित पृथक्करण, संग्रहण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से सूखे कचरे, गीले कचरे, घरेलू खतरनाक कचरे तथा सैनिटरी वेस्ट को अलग-अलग रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. कुमार ने कहा कि स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त शहर बनाने की जिम्मेदारी केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों और उपस्थित नागरिकों से अपने-अपने क्षेत्रों में खुले में कचरा जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने तथा कचरे के उचित प्रबंधन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खुले में कचरा जलाने की समस्या का स्थायी समाधान जागरूकता, स्रोत पर कचरा पृथक्करण और बेहतर कचरा प्रबंधन व्यवस्था से ही संभव है।
*हर घर में अलग-अलग कूड़ेदान रखने की अपील*
वार्ड नंबर-10 के पार्षद महावीर यादव ने नागरिकों से कचरे के पृथक्करण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को अपने घर में कम से कम चार अलग-अलग कूड़ेदान रखने चाहिए, ताकि कचरे को उसकी प्रकृति के अनुसार अलग किया जा सके। उन्होंने नागरिकों से गीले और सूखे कचरे को आपस में नहीं मिलाने तथा कचरे को खुले में फेंकने या जलाने के बजाय नगर निगम की कचरा संग्रहण व्यवस्था को सौंपने का आग्रह किया।
*कचरा जलाने से वायु गुणवत्ता पर पड़ता है प्रभाव*
डब्ल्यूआरआई इंडिया के संजर अली ने कार्यशाला के दौरान खुले में कचरा जलाने के कारणों, इससे होने वाले वायु प्रदूषण तथा इसके पर्यावरणीय प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खुले में कचरा जलाने से वातावरण में धुआं एवं विभिन्न प्रकार के प्रदूषक तत्व फैलते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए नागरिकों को कचरे के सही पृथक्करण और उचित निस्तारण की जानकारी देना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कचरा जलाना समाधान नहीं है, बल्कि कचरे का सही प्रबंधन ही इसका स्थायी विकल्प है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर कचरा पृथक्करण, पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग रखने, गीले कचरे के उचित प्रबंधन तथा नगर निगम की अधिकृत कचरा संग्रहण व्यवस्था का उपयोग करने पर जोर दिया। संजर अली ने आरडब्ल्यूए एवं वार्ड कमेटी सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिकों के साथ मिलकर नियमित जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने का भी आह्वान किया।
* ब्रांड एंबेसडर एवं IEC विशेषज्ञ ने दिलाई शपथ*
कार्यक्रम में नगर निगम गुरुग्राम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर कुलदीप हिन्दुस्तानी एवं आईईसी विशेषज्ञ प्रिंका यादव ने भी नागरिकों को स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया। उपस्थित लोगों को स्वच्छता शपथ दिलाई। उपस्थित नागरिकों से स्वच्छता नियमों का पालन करने, खुले में कचरा न जलाने और कचरे के उचित प्रबंधन में सहयोग करने का संकल्प लिया गया।
*विभिन्न टीमों एवं स्थानीय प्रतिनिधियों का रहा सहयोग*
कार्यशाला को सफल बनाने में नगर निगम गुरुग्राम के सह सफाई निरीक्षक प्रवीन एवं मनीष, डब्ल्यूआरआई इंडिया से आदित्य, नितीशा एवं दीप पोनीकर, एचएमएस टीम से अनिरुद्ध, राजन एवं संगीता सहित स्थानीय आरडब्ल्यूए एवं वार्ड कमेटी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
*जनभागीदारी से मजबूत होगी स्वच्छता व्यवस्था*
कार्यशाला के माध्यम से नागरिकों को यह संदेश दिया गया कि कचरे का उचित प्रबंधन केवल सफाई व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ शहर के निर्माण की साझा जिम्मेदारी है। ‘स्वच्छता ही सेवा’ एवं ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत आयोजित यह जागरूकता पहल नागरिकों को खुले में कचरा जलाने से रोकने, कचरे को स्रोत पर अलग करने और अधिकृत कचरा संग्रहण व्यवस्था का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
