गुरुग्राम,सतीश भारद्वाज : हरियाणा राज्य महिला आयोग एवं गुरुग्राम पुलिस द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुग्राम में दो दिन का संयुक्त अभियान चलाया गया। 18 तथा 19 सितंबर इन दो दिनों में स्पा सेंटरों की आड़ में कथित अनैतिक गतिविधियों, महिलाओं एवं लड़कियों के शोषण तथा मानव तस्करी से संबंधित सूचनाओं के आधार पर विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई की गई है। इस दौरान सेक्टर-90 स्थित सफायर मॉल से 30 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया, जबकि 20 युवकों से पूछताछ की जा रही है। वहीं सेक्टर-38 स्थित एक भवन में 13 युवक और 8 युवतियां संदिग्ध अनैतिक गतिविधियों में पाए गए। पूरे मामले की जांच गुरुग्राम पुलिस द्वारा कानून के अनुसार की जा रही है।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन श्रीमती उषा प्रियदर्शी ने रविवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, गुरुग्राम में आयोजित प्रेस वार्ता में पिछले दो दिनों की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी साझा की। प्रेस वार्ता में एसीपी मुख्यालय-1 एवं अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत नियुक्त विशेष पुलिस अधिकारी अभिलक्ष जोशी भी मौजूद रहे। श्रीमती उषा प्रियदर्शी ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सुशासन, पारदर्शिता, महिला सुरक्षा, महिलाओं के सम्मान तथा सभी नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार के निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन में हरियाणा राज्य महिला आयोग महिलाओं एवं लड़कियों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से आयोग को मौखिक एवं लिखित रूप से लगातार ऐसी शिकायतें एवं सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं कि गुरुग्राम में कुछ स्थानों पर स्पा सेंटरों की आड़ में कथित रूप से देह व्यापार, महिलाओं एवं लड़कियों का शोषण तथा अन्य अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इन गंभीर सूचनाओं का आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए गुरुग्राम पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया और संयुक्त अभियान शुरू किया।
*सफायर मॉल में 18 स्पा सेंटरों पर कार्रवाई*
श्रीमती उषा प्रियदर्शी ने बताया कि अभियान के तहत 18 सितंबर की रात सेक्टर-90 स्थित सफायर मॉल में संचालित 18 स्पा सेंटरों पर गुरुग्राम पुलिस के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई। अभियान में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी एवं अधिकारी शामिल रहे। जांच के दौरान कई स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, दस्तावेजी एवं अन्य साक्ष्यों को जांच के दायरे में लिया गया। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान कुल 30 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया, जबकि 20 युवकों से पूछताछ की जा रही है। मामले में पुलिस द्वारा विधि के अनुसार जांच एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
*काउंसलिंग के दौरान सामने आई गंभीर जानकारी*
चेयरपर्सन ने बताया कि कार्रवाई के अगले दिन आयोग द्वारा रेस्क्यू की गई पीड़ित लड़कियों की काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग के दौरान एक पीड़िता ने अत्यंत गंभीर तथ्य सामने रखे। उसके द्वारा बताया गया कि नाबालिग अवस्था में ही उसका कथित रूप से शोषण किया गया तथा कुछ व्यक्तियों द्वारा उसे इन गतिविधियों में धकेले जाने की जानकारी दी गई। पीड़िता द्वारा कुछ व्यक्तियों के नाम भी बताए गए। उन्होंने कहा कि इन तथ्यों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए महिला आयोग ने आगे स्वतः संज्ञान लिया तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए जानकारी उपलब्ध करवाई गई। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर जांच का दायरा आगे बढ़ाया गया।
* संयुक्त कार्रवाई में 13 युवक और 8 युवतियां मिले।
प्राप्त जानकारी के आधार पर हरियाणा राज्य महिला आयोग एवं गुरुग्राम पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सेक्टर-38 स्थित एक भवन में भी कार्रवाई की गई। यहां 13 युवक और 8 युवतियां पाए गए, जिनके संबंध में प्रथम दृष्टया संदिग्ध अनैतिक गतिविधियों में संलिप्तता सामने आई। मौके से प्राप्त दस्तावेजों, परिस्थितियों एवं अन्य साक्ष्यों को पुलिस जांच में शामिल किया गया है। श्रीमती उषा प्रियदर्शी ने बताया कि कुछ पीड़ित लड़कियों ने काउंसलिंग के दौरान यह भी बताया कि उन्हें डराकर, धमकाकर अथवा उनकी इच्छा के विरुद्ध इन गतिविधियों में लाया गया। इन सभी गंभीर आरोपों की पुलिस द्वारा विधि सम्मत जांच की जा रही है।
*हथियार मिलने की भी पुलिस कर रही जांच*
प्रेस वार्ता के दौरान पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में श्रीमती उषा प्रियदर्शी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान एक स्पा सेंटर से एक हथियार भी मिला है। हथियार की प्रकृति तथा उससे जुड़े अन्य तथ्यों की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जो भी तथ्य जांच के दौरान सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
*मानव तस्करी और महिलाओं के शोषण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस*
चेयरपर्सन ने कहा कि हरियाणा राज्य महिला आयोग किसी भी महिला या लड़की के शोषण, मानव तस्करी, जबरन देह व्यापार अथवा किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोग और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का उद्देश्य केवल संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि ऐसी परिस्थितियों में फंसी महिलाओं एवं लड़कियों की पहचान कर उनकी वास्तविक स्थिति को समझना और उन्हें आवश्यक सहायता, संरक्षण तथा कानूनी सहयोग उपलब्ध करवाना भी है।
*पीड़ित लड़कियों की काउंसलिंग लगातार जारी*
श्रीमती उषा प्रियदर्शी ने बताया कि पीड़ित लड़कियों की काउंसलिंग लगातार जारी है। काउंसलिंग एवं जांच के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उन्हें कानून के अनुसार संबंधित पुलिस एवं सक्षम एजेंसियों के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य महिला आयोग का संकल्प है कि प्रदेश में किसी भी महिला या लड़की का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जहां भी ऐसी सूचना प्राप्त होगी, आयोग संवेदनशीलता और तत्परता के साथ संबंधित विभागों एवं पुलिस के साथ समन्वय कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

