गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्यिक मंत्री राव नरबीर सिंह ने शनिवार को गुरुग्राम के लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में नगर निगम क्षेत्र में चल रहे, पूरे हो चुके तथा आगामी विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी ली गई। मंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम के विभिन्न वार्डों में बड़ी संख्या में सड़क, सीवर, ड्रेनेज, जलापूर्ति तथा अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्य चल रहे हैं। वार्ड-1 से वार्ड-18 तक जारी कार्यों की कुल राशि 366.40 करोड़ रुपए है।
*सड़क निर्माण में लेवलिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश*
उद्योग मंत्री श्री सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के दौरान रोड लेवल का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि बारिश के समय सड़कों पर पानी जमा न हो। उन्होंने कहा कि सड़क का लेवल आसपास के क्षेत्र एवं ड्रेनेज व्यवस्था के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने सीवर मेनहोल के ढक्कनों का लेवल भी सड़क के बराबर रखने के निर्देश दिए, ताकि सड़क पर ऊंचे-नीचे मेनहोल के कारण नागरिकों को परेशानी न हो और जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित न हो।
*जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज परियोजनाओं पर जोर*
बैठक में शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चल रहे विभिन्न कार्यों की भी समीक्षा की गई। इंजीनियरिंग रिपोर्ट के अनुसार वार्ड-9 में यूरो स्कूल से जीएमडीए बस स्टैंड तथा बसई रोड से अल्पाइन स्कूल और कृष्णा नगर तक आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का कार्य 4.22 करोड़ रुपए की लागत से चल रहा है, जिसकी निर्धारित पूर्णता तिथि 16 दिसंबर 2026 है। इसी वार्ड में उमंग भारद्वाज चौक से गाडोली पुलिया तक स्टॉर्म वाटर ड्रेन की सफाई एवं डी-सिल्टिंग तथा एचपी पंप से गाडोली पुलिया तक पाइप ड्रेन को बॉक्स ड्रेन में बदलने का कार्य 1.69 करोड़ रुपए की लागत से जारी है, जिसकी पूर्णता तिथि 30 नवंबर 2026 निर्धारित है। वार्ड-16 में भी उप्पल साउथएंड क्षेत्र की इंटरनल स्टॉर्म वाटर ड्रेनों को मास्टर ड्रेन से जोड़ने, लो-लाइंग क्षेत्र में मोटर लगाने तथा वेगा स्कूल से जीएमडीए मास्टर ड्रेन तक आरसीसी बॉक्स टाइप स्टॉर्म वाटर ड्रेन के निर्माण का कार्य 1.80 करोड़ रुपए की लागत से चल रहा है। इसी प्रकार वार्ड-8 में सेक्टर-9 के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेन का कार्य 7.41 करोड़ रुपए की लागत से चल रहा है, जबकि सेक्टर-9ए में स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल वर्क के लिए 5.16 करोड़ रुपए का कार्य जारी है। दोनों कार्यों की पूर्णता तिथि 10 नवंबर 2026 है। इसके अलावा वार्ड-4 में रेजांगला रोड से व्यापार केंद्र मार्केट और आगे बजघेड़ा रेलवे फ्लाईओवर तक 900 एमएम व्यास की आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का कार्य 1.03 करोड़ रुपए की लागत से तथा सेक्टर-23 से एच-ब्लॉक वाटर बूस्टर तक 900 एमएम व्यास की स्टॉर्म वाटर ड्रेन का कार्य 1.02 करोड़ रुपए की लागत से चल रहा है।
*सड़क निर्माण एवं मॉडल रोड परियोजनाओं पर भी फोकस*
बैठक में सड़क निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। वार्ड-15 में बानी स्क्वायर मार्केट से साउथ सिटी-2 के एफ-ब्लॉक मार्केट स्थित वार्ड पार्षद कार्यालय तक आरसीसी मॉडल रोड, फुटपाथ एवं स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज का कार्य 1.83 करोड़ रुपए की लागत से चल रहा है और इसकी पूर्णता तिथि 25 सितंबर 2026 निर्धारित है। इसी वार्ड में साउथ सिटी-2 ए-ब्लॉक से निर्वाणा कंट्री मुख्य सड़क तक मॉडल रोड के पुनर्निर्माण का कार्य 4.56 करोड़ रुपए तथा एस्पायर रोड से बानी स्क्वायर रोड तक निर्वाणा कंट्री मुख्य मार्ग के पुनर्निर्माण का कार्य लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से जारी है। इन कार्यों की निर्धारित पूर्णता तिथियां क्रमशः जनवरी और फरवरी 2027 हैं।
*गांवों में सीवर एवं जलापूर्ति ढांचे को भी मजबूती*
ग्रामीण क्षेत्रों में भी सीवर और जलापूर्ति से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है। धनकोट के नव-विस्तारित क्षेत्र में सीवरेज सिस्टम उपलब्ध कराने का कार्य 8 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से प्रगति पर है। वहीं पलड़ा गांव में अंडरग्राउंड टैंक, पंप चैंबर, क्लियर वाटर राइजिंग मेन और वितरण जलापूर्ति पाइपलाइन सिस्टम का कार्य 1.97 करोड़ रुपए की लागत से चल रहा है, जिसकी पूर्णता तिथि 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। पलड़ा में सीवर लाइन एवं रोड रेस्टोरेशन का कार्य भी 1.32 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से जारी है। सड़क निर्माण से पहले स्थानीय निवासियों को सीवर कनेक्शन लेने के लिए कहा गया है।
*बेगमपुर खटौला में 2 एमएलडी एसटीपी निर्माणाधीन*
सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में वार्ड-17 के बेगमपुर खटौला गांव में 2 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निर्माण भी महत्वपूर्ण परियोजना है। इस कार्य की लागत 6.94 करोड़ रुपए है और 31 दिसंबर 2026 तक ट्रायल रन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
*कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी भी हो चुकीं*
बैठक में अधिकारियों ने पूर्ण हो चुके विकास कार्यों की भी जानकारी दी। इनमें वार्ड-9 में खांडसा से मोहम्मदपुर झाड़सा और जेबीएम कंपनी को जोड़ने वाली आरएमसी सड़क का निर्माण शामिल है, जिसकी लागत 1.74 करोड़ रुपए है। इसी प्रकार वार्ड-11 के मालिबू टाउन में स्टॉर्म वाटर पाइप ड्रेन का कार्य 66.60 लाख रुपए की लागत से पूरा किया गया है। वार्ड-14 में सेक्टर-46 की 18 मीटर आरएमसी सड़को का निर्माण 4.83 करोड़ रुपए की लागत से तथा मेफील्ड गार्डन में सड़क का निर्माण 2.13 करोड़ रुपए की लागत से पूरा किया गया है।
*आरएमसी प्लांटों को निगम सीमा से बाहर करने के निर्देश*
उद्योग मंत्री ने नगर निगम सीमा में संचालित आरएमसी प्लांटों को बाहर करने के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क सतह को होने वाले नुकसान से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। नूरपुर मोड़ से अकलिमपुर गांव तक आरएमसी सड़क के संबंध में बताया गया है कि आरएमसी प्लांट से आने-जाने वाले वाहनों की नियमित आवाजाही तथा सड़क पर आरएमसी सामग्री गिरने से सड़क की सतह प्रभावित हो रही है और इस संबंध में कार्रवाई के लिए एचएसपीसीबी से अनुरोध किया गया है।
*धनकोट मुख्य सड़क से पहले हटाया जाए अतिक्रमण*
मंत्री श्री राव ने धनकोट मुख्य सड़क से संबंधित कार्य पर भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित क्षेत्र में मौजूद अतिक्रमण को हटाया जाए, ताकि सड़क निर्माण कार्य निर्धारित डिजाइन एवं चौड़ाई के अनुसार किया जा सके और भविष्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।*विकास कार्यों के लिए भूमि की उपलब्धता पर भी चर्चा*बैठक में भविष्य की जनसुविधाओं एवं आधारभूत ढांचे के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता पर भी जानकारी प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में विभिन्न वार्डों में कम्युनिटी सेंटर, एसटीपी, बूस्टिंग स्टेशन, डिस्पेंसरी, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, श्मशान घाट और अन्य जनसुविधाओं के लिए भूमि की आवश्यकता दर्शाई गई है।
*समय सीमा और गुणवत्ता से समझौता नहीं*
उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को केवल शुरू करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता और समयबद्ध पूर्णता पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से सड़क और ड्रेनेज परियोजनाओं में आपसी समन्वय रखते हुए कार्य करने पर जोर दिया, ताकि एक कार्य पूरा होने के बाद दूसरे कार्य के कारण सड़क को दोबारा न खोदना पड़े।
बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया, अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका, रविन्द्र यादव, डॉ जयवीर यादव व कुशल कटारिया, संयुक्त आयुक्त डॉ नरेश कुमार, डॉ प्रीतपाल सिंह, रविन्द्र मलिक, सपना यादव व डॉ आशीष सिंगला, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, एसटीपी राजेश कौशिक, एसई सचिन यादव, डीटीपी डॉ सिद्धार्थ खंडेलवाल सहित कार्यकारी अभियंता व अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

