गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: नगर निगम गुरुग्राम में जमीनों की बिक्री को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिसका खुलासा आरटीआई के माध्यम से मांगी गई जानकारी में सामने आया है कि नगर निगम की तहसीलदार शाखा के पास निगम के स्वामित्व वाली कुल जमीन, तहबाजारी की दुकानों के लिए उपलब्ध जमीन तथा अब तक बेची गई निगम की जमीन का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
मिली जानकारी के अनुसार एक शहरवासी ने आरटीआई एक्ट 2005 के तहत नगर निगम से जमीनों से सबंधित सूचना मांगी थी, जिसमें पहले तो आवेदक को समय पर सूचना ही नहीं मिली थी, जिसकी प्रथम अपील करने पर सूचना तो मिली लेकिन आंधी अधुरी व भ्रामक, जिससे निगम में भ्रष्टाचार का बोलबाला साफ़ दिखाई दे रहा है,आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसीलदार शाखा यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि नगर निगम के पास कुल कितनी जमीन है, उसमें से कितनी जमीन पर तहबाजारी की दुकानें हैं और अब तक निगम द्वारा कितनी जमीन बेची जा चुकी है। इस स्थिति ने निगम की संपत्तियों के रखरखाव और उनके रिकॉर्ड को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत नगर निगम क्षेत्र में तहबाजारी से संबंधित काफी जमीनों की बिक्री किए जाने की बात सामने आ रही है। इसके अलावा आरोप यह भी है कि कुछ ऐसी जमीनों की बिक्री भी की गई, जो रिकॉर्ड के अनुसार नगर निगम गुरुग्राम के नाम ही दर्ज नहीं थीं।यदि यह जानकारी सही है तो यह नगर निगम की संपत्तियों के प्रबंधन और बिक्री प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती है। दूसरी ओर, यदि आरटीआई में दी गई जानकारी गलत है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा गलत सूचना दिए जाने का मामला बनता है। मामले में अब यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि नगर निगम की कुल संपत्ति कितनी है, अब तक कितनी जमीन बेची गई है, किन-किन स्थानों पर बिक्री हुई है और बिक्री से निगम को कितनी राशि प्राप्त हुई। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि जिन जमीनों की बिक्री की गई, वे बिक्री के समय वास्तव में नगर निगम के नाम दर्ज थीं या नहीं। मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला केवल रिकॉर्ड के रखरखाव में लापरवाही का है या फिर नगर निगम की जमीनों की बिक्री में किसी बड़े वित्तीय अनियमितता अथवा भ्रष्टाचार की भूमिका रही है। जिसमें देखना यह होगा कि सरकार इस पर क्या कार्रवाई करती है, या अन्य मामलों की तरह फाईलों में दसवां देती है।



