गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम में प्रशासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अवैध निर्माण व सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जे में की जा रही तोड़फोड़ की कार्यवाही से बोखलाए लोगों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें सैकड़ों गुरुग्राम वासी विभिन्न क्षेत्रों से इकट्ठे होकर लघु सचिवालय के बाहर एक विशाल महापंचायत का आयोजन कर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) आरएस भाट और नगर निगम के प्रशासनिक रवैये का कड़ा विरोध किया।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन और अधिकारियों की मिलीभगत से पहले कॉलोनियां बसने दी गईं और अब नियम-कानूनों का हवाला देकर आम नागरिकों के बने-बनाए मकानों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। वहीं लोगों ने यह भी कहा गया कि हरियाणा में कोई भी मुख्यमंत्री दक्षिण हरियाणा से नहीं रहा है, इसलिए गुरुग्राम वासियों के दुख-दर्द को कोई नहीं समझ रहा है।
महापंचायत में शामिल लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि शहर में अब तक बने सभी मकानों और कॉलोनियों को तत्काल प्रभाव से नियमित (रेगुलराइज) किया जाना चाहिए।प्रदर्शनकारियों द्वारा लिया गया बोर्ड। प्रदर्शनकारियों द्वारा लिया गया बोर्ड। प्रदर्शनकारी बोले- नहीं टूटने दिए जाएंगे आशियानें वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि गुरुग्राम का कोई भी नागरिक अवैध निर्माण के पक्ष में नहीं है, लेकिन किसी भी सूरत में अब बने-बनाए आशियाने नहीं टूटने दिए जाएंगे। लोगों ने स्टिल्ट प्लस 4 (Stilt+4) पॉलिसी और पीजी संचालन जैसे नियमों को सरकार द्वारा लागू किए जाने का हवाला देते हुए कहा कि अब अचानक की जा रही कार्रवाई जनता को डराने और उनका उत्पीड़न करने की मंशा दर्शाती है।
*निर्माण में हुआ नियमों का उल्लंघन तो लगे जुर्माना*
।निवासियों ने प्रशासन को समाधान का रास्ता सुझाते हुए सहमति जताई कि यदि निर्माण में किसी प्रकार का उल्लंघन हुआ है, तो नगर निगम,जी एमडीए व हुडा नियमानुसार जुर्माना (कंपाउंडिंग फीस) लगा सकता है। गुरुग्राम के निवासी निर्धारित जुर्माना और नक्शा पास कराने की सरकारी फीस भरने को पूरी तरह तैयार हैं, बशर्ते उनके आशियानों को सुरक्षित रखते हुए नियमित किया जाए। महापंचायत के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी अपनी मांगों को लेकर गुरुग्राम के डीसी उत्तम कुमार को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपेंगे। यदि इसके बाद भी तोड़फोड़ नहीं रोकी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन करने वाले जिले वासियों की बात सुनने के लिए एसडीएम ने मोर्चा संभाला, जिनपर लोगों ने जमकर भड़ास निकाली। लोगों ने उन्हें बताया कि अधिकारी केवल भेदभाव की नीति से तोड़-फोड़ कर रहे हैं। जबकि भाजपा के कई पार्षद व अन्य छूटभैया नेताओं ने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे कर अवैध वसूली कर रहे हैं,उनपर कार्यवाही न करके कांग्रेस दल व अन्य लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं।


