गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : इंडिया-जापान ज्वाइंट इकॉनॉमिक फोरम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची द्वारा गत दिवस मारुति सुजुकी के खरखौदा वाहन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के उद्घाटन के बाद शुक्रवार को मारुति सुजूकी द्वारा संचालित प्रमुख संस्थानों का दौरा किया। ये संस्थान कंपनी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत देश में कौशल विकास और सडक़ सुरक्षा को बढ़ावा देते हैं। इस दौरे में उनके साथ मारुति सुजूकी के प्रेसिडेंट तोशिहिरो सुजुकी, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउचि तथा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे।
जापान-इंडिया इंस्टीट्यूट फॉर मैन्युफैक्चरिंग (जेआईएम), मानेसर में उन्होंने जहां छात्रों से बातचीत की, वहीं अत्याधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली को भी देखा। उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च (आईडीटीआर) बहादुरगढ़ का भी दौरा किया। प्रतिष्ठान के तोशिहिरो सुजुकी का कहना है कि गत दिवस भारत और जापान के प्रधानमंत्रियों ने खरखौदा प्लांट का उद्घाटन कर दिया है। जो विकसित भारत के प्रति जापान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका कहना है कि जापान के सहयोग से हरियाणा ही नहीं, अपितु गुजरात में भी सीएसआर के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराए जा रहे हैं, जो युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं। मारुति सुजुकी भारत के विनिर्माण विकास (मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ) के मुख्य आधार के रूप में कौशल विकास और सडक़ सुरक्षा के प्रति समर्पित है, जो मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया और विकसित भारत 2047 की राष्ट्रीय आकांक्षाओं के अनुरूप है।

