नई दिल्ली, सतीश भारद्वाज : देश में स्वतंत्रता दिवस जहां सरकारी विभागों में मनाया गया वहीं सामाजिक संस्थाओं ने भी अपने शहीदों को नमन कर हर्षोल्लास के साथ जगह-जगह मनाया गया। ऐसी ही एक ब्राह्मण समाज की संस्था ने राष्ट्रीय पर्व बवाना क्षेत्र के गांव हरेवली धाम भगवान परसुराम गुरुकुलम भवन में सभा के अध्यक्ष सुभाष शर्मा नेता जी द्वारा तिरंगा झंडा फहराकर मनाया गया। जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व स्थाई समिति चेयरमैन मोहन भारद्वाज रहे। वहीं उनके साथ सभा के संरक्षक पंडित मांगेराम हमीदपुरिया,गुरुकुल के पीठाधीश्वर आचार्य श्री गंगाराम शास्त्री, उपाध्यक्ष एवं बाला जी मन्दिर रामा विहार के महन्त श्री महेश शर्मा जी, सभा के महासचिव व चेयरमैन वैवाहिक बोर्ड आचार्य विद्यारतन,पीआरओ श्री रविगौड़,वैवाहिक बोर्ड के डायरेक्टर के के कौशिक ,भगवत प्रसाद गौड़ व जगरेश गौड़ जिया सराय,शिव कुमार सचिव कराला मजरी,जिला अध्यक्ष बाहरी दिल्ली{बवाना} और समारोह के व्यवस्थापक पुरुषोत्तम कौशिक ,रोहिणी जिला के अध्यक्ष व सभा के लिए 30 सालों से समर्पित श्री मजोज कौशिक व नरेला सभा के अध्यक्ष राजेश भारद्वाज, स्वतंत्रनगर सभा के अध्यक्ष श्री हिमचंदर अत्रि ,पार्श्व गायक व कवि मांगेराम अत्रि , ब्राह्मणों में भामाशाहव सतीश कौशिक कंझावला, राष्ट्रीय ब्राह्मण संघ कटेवडा के अध्यक्ष श्री ईश्वर दत्त वत्स,मास्टर भगवान सिंह सोनीपत,श्रीमती राजरानी डायरेक्टर दिल्ली नगर निगम,संदीप शर्मा कुटिल उद्योग चेयरमैन हरियाणा,दौलत राम शर्मा व जय भगवान शर्मा,नरेला,वीरेंद्र शर्मा नोएडा रहे।
सभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीपप्रज्वलन, सरस्वती वंदना और चारों वेदों की पूजा के साथ हुआ, समाज और देश को आगे बढ़ाने के संदेश दिए गए,समारोह का सबसे ज्यादा आकर्षण कक्षा 5 की छात्रा प्रेज्ञा भारद्वाज की प्रस्तुति दिनकर की रचना श्री कृष्ण जी कौरवों को चेतावनी जो करीब 10 मिंट तक धाराप्रवाह सुनाई,जिसको सुन कर सारी सभा ने फूल मालाओं व पैसों की वर्षा कर उसे कंधों पर उठा लिया। वहीं पंडित लक्ष्मीनारायण नांगल वाले ने आजादी के दीवानों का गीत अपनी अनूठी कला से प्रस्तुत किया।*ब्राह्मण सभा के पूर्व अध्यक्ष आचार्य विद्यारतन जो वर्तमान में महासचिव हैं व जो इस सभा के प्रमुख संचालक हैं, उनकी 40 साल की समाज सेवा को प्रशिद्ध गायक व कवि श्री मांगेराम अत्रि जी ने स्टेज पर खड़े खड़े 4 कली की आचार्य जी जीवनी का परिचय देते हुए भजन सुनाया,जिस पर सभी ने तालियों की गड़गड़ाहट द्वारा अत्रि जी का मान बढ़ाया। शास्त्री जी ऐसे एकमात्र विद्वान को सभा ने आजीवन सदस्य बनाया व उनको भागलपुरी साफा बांध कर सम्मानित किया,साथ में गुरुकुल के आचार्य योगेश जी यजुर्वेदी , आचार्य विक्रम जी सामवेदी के साथ सामवेद की ऋचाओं की प्रस्तुति करने वाले छात्र वीर प्रताप व शैलेन्द्र और स्वागत गीत प्रस्तुत करने वाली कन्या अंजली,सानिया, कमल व शोभा को व गुरुकुल के सभी बटुकों{छात्रों} को वस्त्रम/पाठन सामग्री भेंट की, सभी वक्ताओं में प्रमुख श्रीमती राजरानी निगम से रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर, प्रोफेसर डॉ विद्याकान्त पांडेय जी व एसीपी दिनेश शर्मा का भी स्वागत किया ,सभी व्यक्ताओं ने समाज को नहीं दिशा की शिक्षा के साथ शादी जो गैर जातियों में कर रहें व जो 30 साल तक नहीं कर रहें हैं,उनको चेताया व उन्हें अब सुधर जाना चाहिए इस पर जोर दिया , इन सभी के विचारों का सभी ने समर्थन किया व ध्यान पूर्वक सुना।*
सभा के अध्यक्ष, पीआरओ ,महासचिव आचार्य विद्यारतन ,सचिव नरेश कौशिक व कोषाध्यक्ष निर्मित गौड़,सदस्य बालकिशन भारद्वाज, मनोज कौशिक,व पुरुषोत्तम कौशिक ने कार्यकारिणी सभा द्वारा नए जिला अध्यक्षों को घोषणा की जिनमे प्रमुख सत्यनारायण गौड सोनीपत,सुनील वत्स गुरुग्राम, कृष्ण कौशिक बहादुरगढ़,वीरेंद्र शर्मा नोएडा, दिल्ली शहर के चांदनी चौक से ओमप्रकाश पराशर, नजफगढ़ से जयप्रकाश शर्मा , दक्षिणी दिल्ली से हरिदत्त शर्मा ,बुराड़ी व पूर्वी दिल्ली से जमना दत्त शर्मा,नरेला अलीपुर से संजय भारद्वाज का मनोनयन कर स्वागत किया।
