गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका अहम है। इसी उद्देश्य के साथ पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) की तरफ से एआई इन एक्शन इंडिया समिट का आयोजन किया गया। समिट में उद्योग जगत के जाने-माने लीडर्स, नीति-निर्माता, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स और इनोवेटर्स एक साथ आए।उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेज़ी से बदलते परिदृश्य और व्यापार, शासन तथा समाज पर इसके प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।

इस अवसर पर पीएचडीसीसीआई के निदेशक राकेश संगराई ने इनोवेशन और विस्तार को बढ़ावा देने के लिए उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएचडीसीसीआई हरियाणा स्टेट चैप्टर के चेयरमैन सतीश देव जैन ने औद्योगिक और तकनीकी केंद्र के रूप में हरियाणा के बढ़ते महत्व पर अपनी बात रखते हुए एआई-आधारित विकास के अवसरों को बढ़ावा देने पर अपना दृष्टिकोण पेश किया।सेरेब्रेंट ग्रुप के सीईओ एवं कार्यक्रम चेयरमैन हरजीत सिंह ने मार्केटिंग, एनालिटिक्स और कस्टमर इंगेजमेंट में एआई के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि संगठनों को डेटा-केंद्रित रणनीतियों को अपनाना चाहिए और निर्णय लेने की प्रक्रिया तथा कस्टमर अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए एआई टूल्स का प्रभावी ढंग से उपयोग करना चाहिए।
एक्सेंचर के एमडी अनुपम श्रीवास्तव ने व्यापारिक इनोवेशन को बढ़ावा देने, परिचालन दक्षता में सुधार को सक्षम बनाने में एआई की क्षमता के बारे में बात की। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के महानिदेशक अरविंद कुमार ने भारत के एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। इनमें स्टार्टअप्स के लिए समर्थन, इन्क्यूबेशन कार्यक्रम और डिजिटल बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। पीएचडीसीसीआई हरियाणा स्टेट चैप्टर के को-चेयर शिवम सलूजा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए एआई टेक्नोलॉजी का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए कौशल विकास, री-स्किलिंग (पुन: कौशल विकास) और कार्यबल की तत्परता की अत्यंत आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
इस अवसर पर ‘एक विश्वसनीय और लचीला ए आई इकोसिस्टम बनाना:शासन, बुनियादी ढांचा और डीपीआई’ विषय पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई।
