गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत आने का इंतजार न करें, बल्कि स्वयं क्षेत्र का निरीक्षण कर समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सड़क, सीवर, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
*क्षेत्र का नियमित दौरा कर समस्याओं की पहचान करें*
निगम कार्यालय में कार्यकारी अभियंताओं, सहायक अभियंताओं और कनिष्ठ अभियंताओं के साथ आयोजित बैठक में निगमायुक्त ने कहा कि अधिकारी अपने क्षेत्र का नियमित दौरा करें और वहां मौजूद समस्याओं की पहचान कर उनका तुरंत समाधान करें। उन्होंने विशेष रूप से जेई को निर्देश दिए कि वे फील्ड में सक्रिय रहें और यदि कहीं कोई खराबी या समस्या दिखाई दे तो शिकायत दर्ज होने की प्रतीक्षा किए बिना उसे ठीक कराएं।
*पोर्टलों पर लंबित शिकायतों का शीघ्र निपटान अनिवार्य*
बैठक में निगमायुक्त ने “म्हारी सड़क” पोर्टल और सीएचएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि अब तक प्राप्त सभी शिकायतों का जल्द और गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि लंबित शिकायतें निगम की कार्यप्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं, इसलिए उनका समयबद्ध निपटान सुनिश्चित किया जाए।
*अधिकारी कार्य ही ऐसा करें कि शिकायत ही न हो*
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि अधिकारियों का लक्ष्य केवल शिकायतों का निपटान करना नहीं, बल्कि ऐसी कार्यशैली अपनाना होना चाहिए जिससे नागरिकों को शिकायत करने की आवश्यकता ही न पड़े। उन्होंने कहा कि सक्रिय निगरानी, नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत कार्यों के माध्यम से शहर की मूलभूत सेवाओं को सुचारू बनाए रखा जा सकता है।
*जवाबदेही तय, लापरवाही पर होगी कार्रवाई*
निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि किसी क्षेत्र में समस्याएं लंबे समय तक बनी रहती हैं तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर और निर्बाध सेवाएं प्रदान करना है, जिसके लिए सभी इंजीनियरिंग अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका व रविन्द्र यादव तथा चीफ इंजीनियर विजय ढाका सहित कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।

