
गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम के एडीसी सोनू भट्ट ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर शिकायतों को लंबित न रखा जाए और बिना ठोस कारण के मामलों को री-ओपन करने की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग समाधान की संशोधित रिपोर्ट समाधान प्रकोष्ठ पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपलोड करें, ताकि कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित हो सके।
एडीसी ने कहा कि समाधान शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच है और अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों को मौके पर ही राहत प्रदान करें। शिकायतों का निपटारा पूरी जांच और तथ्यों के आधार पर किया जाए, जिससे दोबारा शिकायत दर्ज कराने की नौबत न आए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
इससे पूर्व चंडीगढ़ से आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित समाधान शिविरों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर सरकार की पैनी नजर है और किसी भी प्रकार की ढिलाई या औपचारिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए कि लंबित मामलों का निर्धारित समय-सीमा में ठोस कार्रवाई के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में गुरुग्राम के एसडीएम परमजीत चहल ने बताया कि अब तक समाधान शिविरों के माध्यम से कुल 8177 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 6,795 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जबकि 276 शिकायतें प्रक्रिया में हैं। 485 शिकायतों को नियमानुसार निरस्त किया गया है तथा 59 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि शेष मामलों का भी शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार नागरिकों की सुविधा के लिए सप्ताह में दो दिन सोमवार व गुरुवार को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जिला व उपमंडल स्तर पर समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग सीएम कार्यालय द्वारा की जाती है। बैठक में एस्टेट ऑफिसर राकेश सैनी, अनुपमा मलिक, नगर निगम गुरुग्राम से संयुक्त आयुक्त विशाल, एसडीएम पटौदी दिनेश लुहाच, एसीपी सुशीला, नगर निगम मानेसर से संयुक्त आयुक्त लोकेश यादव, सीटीएम सपना यादव, डीआरओ विजय यादव, डीडीपीओ नवनीत कौर, डीईओ इंदु बोकन, डीडी एग्रीकल्चर डॉ. अनिल तंवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

