

गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम में सोमवार को किन्नरों ने डीएलएफ फेज टू थाने में जमकर हंगामा किया। गुस्साए किन्नरों ने पुलिस की डायल 112 की गाड़ी भी तोड़ दी। इस दौरान उनकी पुलिस से काफी झड़प भी हुई। जिसको देखते हुए DLF फेज-2 थाने में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने 9 किन्नरों को गिरफ्तार किया।
शगुन ने आरोप लगाया कि रात को हम लोग MG रोड पर क्लब से बाहर आ रहें थे। वहां पर कुछ पुलिसकर्मियों ने हमारे ऊपर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव बनाया। जब हम लोगों ने मना कर दिया तो उन्होंने हमारे साथ बदतमीजी करी हमें बलपूर्वक पकड़कर थाने में ले जाकर मारपीट करी।
थाने में उस समय कोई भी महिला कर्मचारी मौजूद नहीं थी। 12 लोगों ने 3 किन्नरों के साथ बेरहमी से मारपीट की। ये कहां का इंसाफ है। वहां पर CCTV कैमरे भी लगे हुए हैं। अंदर उनको पानी तक पीने नहीं दिया गया। अगर हम जैसे के साथ ऐसा होगा तो आम जनता के साथ ये लोग पता नहीं क्या करते होंगे। एक किन्नर ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कर्मचारियों ने पहले हमारे साथ संबंध बनाए हैं। एक बार नहीं कई बार ये लोग हमारे साथ संबंध बना चुके हैं। मैं आप लोगों को ये भी बता सकती हूं कि ये लोग हमें कहां लेकर जाते हैं।
पुलिस कर्मचारियों का आरोप है कि किन्नरों ने डायल 112 की गाड़ी में तोड़फोड़ की।
*पुलिस ने कहा निवासियों ने शिकायत की थी*
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि किन्नरों की तरफ से लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। ये लोग MG रोड पर खड़े होते हैं। वहां आसपास रहने वाले लोगों की तरफ से शिकायत भी आई हैं। इसलिए समय-समय पर इन्हें वहां से हटाया जाता है।
उन्होंने आज सुबह करीब 4 बजे राइडर टीम पेट्रोलिंग कर रही थी। वहां पर 8-9 किन्नरों ने उनसे बदतमीजी की। उन्होंने सरकारी बाइक को भी नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया। पुलिस ने उन 9 लोगों को गिरफ्तार किया था।
प्रवक्ता ने बताया कि पकड़े गए किन्नरों की पहचान राजू शेख, साजिद अली, निशा देब, पंकज रॉय, सुधा, राजनमा, सोनाली खातुन, सागर के रूप में हुई है। सभी लोग पश्चिम बंगाल और असम के रहने वाले हैं। वे सुनसान इलाके में खड़े होकर अश्लीलता फैलाते हैं। अगर कोई भी व्यक्ति पब्लिकली ऐसी हरकत करेगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
