
गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि 15वीं शताब्दी के महान संत और समाज सुधारक गुरु रविदास जी ने अपना संपूर्ण जीवन समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने और समानता, मानवता व भाईचारे का संदेश देने में समर्पित किया। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी का यह विश्वास था कि ईश्वर द्वारा रचित प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह अमीर हो या गरीब सब समान है और सभी को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है।
मंत्री ने रविवार को गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के अवसर पर गुरुग्राम गांव में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि लोगों को संबोधित करते हुए कहे । कैबिनेट मंत्री ने मंदिर में गुरु रविदास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने उपरांत अपने संबोधन में कहा कि संत गुरु रविदास जी का जीवन सामाजिक समरसता, करुणा और सेवा भाव का जीवंत उदाहरण है, जो आज भी समाज को सही दिशा दिखाता है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी के विचार वर्तमान समय में और भी प्रासंगिक हैं, जब समाज को समानता, आपसी सद्भाव और एकता की सबसे अधिक आवश्यकता है।

राव ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को पूरा मान-सम्मान दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र एवं प्रदेश सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के मूल मंत्र अंत्योदय के अनुरूप समाज के अंतिम छोर पर खड़े वंचित वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रचार योजना के अंतर्गत महापुरुषों की जयंती मनाने की एक सशक्त और सकारात्मक परंपरा प्रारंभ की गई है, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग में गौरव, आत्मसम्मान और सामाजिक समरसता की भावना और अधिक मजबूत हो रही है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उनके दादा स्वर्गीय राव मोहर सिंह ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के विचारों को आत्मसात करते हुए स्वतंत्रता से पूर्व और बाद में समाज में समानता के अधिकार को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनका मानना था कि शिक्षित व्यक्ति ही अपने अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ सकता है; इसी सोच के साथ उन्होंने क्षेत्र में अनेक शिक्षण संस्थानों की नींव रखी और “एजुकेशन इज़ फर्स्ट, एजुकेशन इज़ मस्ट” का संदेश दिया। राव ने कहा कि वे अपने दादा राव मोहर सिंह के पदचिन्हों और गुरु रविदास जी के प्रेरक जीवन-दर्शन पर चलते हुए समाज के सभी वर्गों के लिए समानता सुनिश्चित करते हुए क्षेत्र के विकास को नई गति देंगे। राव ने आह्वान किया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के मार्ग पर चलकर सामाजिक कुरीतियों को दूर करें और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में अपना योगदान दें।
