गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : सोमवार को भारत का 77वां गणतंत्र दिवस यहां कमान सराय स्थित कांगे्रस पार्टी कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के बीच राष्ट्रीय ध्वज फहराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कांगे्रस शहरी व ग्रामीण अध्यक्ष ने की। कार्यक्रम का संचालक कांग्रेस सेवादल के सह-अध्यक्ष इंद्र सिंह सैनी ने किया।
राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत के इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है, जिसे हम हर वर्ष 26 जनवरी को पूरे गर्व और सम्मान के साथ मनाते हैं। इस दिन भारत का संविधान लागू हुआ था और देश को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया। भारत राज्यों का एक संघ है। यह संसदीय प्रणाली की सरकार वाला गणराज्य है। यह गणराज्य भारत के संविधान के अनुसार शासित है, जिसे संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को ग्रहण किया था और 26 जनवरी 1950 से प्रभाव में आया। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के साथ ध्वजारोहण कर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया। यह ऐतिहासिक क्षणों में गिना जाने वाला समय था। इसके बाद से हर वर्ष इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र का अर्थ है जनता का शासन। हमारे संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं। चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या भाषा से हो। यह हमें स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे का संदेश देता है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हमारे संविधान को डॉ. भीमराव अंबेडकर और उनकी टीम ने तैयार किया। इसमें हमें बोलने की आजादी, शिक्षा का अधिकार और धर्म की स्वतंत्रता जैसे कई महत्वपूर्ण अधिकार मिले हैं। संविधान हमें अपने कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। गणतंत्र दिवस केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमें देश के प्रति जिम्मेदार बनने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में देश को ईमानदार, मेहनती और जागरुक नागरिकों की जरूरत है। हमें सोशल मीडिया और तकनीक का सही उपयोग करना चाहिए और गलत बातों से दूर रहना चाहिए।
हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यह दिन हमें स्वतंत्रता, समानता और न्याय का महत्व सिखाता है। हमारे संविधान ने हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाई है। यह दिन हमें हमारे वीर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों और हमारे महान नेताओं के दृष्टिकोण की याद दिलाता है। हमें हमेशा एकता, समानता और राष्ट्र के प्रति सम्मान के मूल्यों का पालन करना चाहिए। आइए हम अच्छे नागरिक बनने और भारत की प्रगति के लिए काम करने का संकल्प लें। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

