गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन श्रीमती रेनू भाटिया ने ‘कहानी से क़ानून’ प्रोजेक्ट के पहले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह कार्यक्रम कला, शिक्षा और कानून को जोड़कर सामाजिक मुद्दों पर संवाद बढ़ाने की नई पहल के रूप में आयोजित किया गया।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नियोफ्यूज़न के किशोर कलाकारों द्वारा प्रस्तुत संगीतमय कठपुतली नाटक “ए स्ट्रिंगिंग ऑफ़ लव, पावर एंड पेन” था। जिसमें महिलाओं के प्रति भावनात्मक चोट, नियंत्रक व्यवहार और पितृसत्तात्मक समाज में मानसिक शोषण को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। रेनू भाटिया ने प्रस्तुति की गहराई और संदेश की सराहना करते हुए कहा कि यह नाटक बड़े मंचों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में बाइपोलर बिहेवियर और हनी ट्रैपिंग जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी नाटक तैयार किए जाएँ और साथ ही पूरे सहयोग का आश्वासन दिया।रीत फ़ाउंडेशन की स्थापना एडवोकेट रितु कपूर ने की है,जो कानूनी जागरूकता और सामुदायिक सशक्तिकरण पर कार्यरत हैं। वहीं नियोफ्यूज़न, डॉ. अनुभूति के नेतृत्व में, वंचित वर्ग के किशोरों के साथ शिक्षा और कला के माध्यम से परिवर्तन लाने का काम करता है।नाटक का निर्देशन पंकज गुप्ता और कोरियोग्राफी अविनाश कुमार ने की। प्रस्तुति के अलावा नियोफ्यूज़न की विज़ुअल आर्ट मेंटर सुदीप्ता जी के मार्गदर्शन में बच्चों ने सुंदर पेंटिंग इंस्टॉलेशन भी प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों का भरपूर ध्यान आकर्षित किया।
विशिष्ट अतिथि एसीपी प्रियंशु देवान, साइबर क्राइम गुरुग्राम ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के ऐसे प्रयास सामाजिक जागरूकता को आगे बढ़ाते हैं।विशेष अतिथि दीपक बजाज, बिज़नेस ट्रांसफ़ॉर्मेशन कोच ने बच्चों की परिपक्वता और वर्षों में आए बदलाव की तारीफ़ करते हुए कहा कि नियोफ्यूज़न के कलाकार हर बार उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन करते हैं।विशेष अतिथि एडवोकेट विनोद कटारिया, पूर्व अध्यक्ष एवं सचिव, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, गुरुग्राम ने कहा कि ऐसे नाटक समाज की वास्तविक समस्याओं को सामने लाते हैं, जिन्हें अदालतों में रोज़ाना देखा जाता है।
एडवोकेट रितु कपूर और डॉ. अनुभूति ने बताया कि ‘कहानी से क़ानून’ का उद्देश्य कला, शिक्षा और कानून को एक प्लेटफ़ॉर्म पर लाकर समाज के गंभीर मुद्दों पर संवाद बढ़ाना और समुदायों में जागरूकता स्थापित करना है। एडवोकेट कपूर ने कहा कि कानूनी जागरूकता न्याय की पहली सीढ़ी है। यह प्रोजेक्ट लोगों तक कानून को सरल रूप में पहुँचाने का प्रयास है।डॉ. अनुभूति ने कहा कि कला और शिक्षा जीवन बदलने की ताकत रखते हैं। हमारा उद्देश्य दबे-कुचले और अनसुने लोगों की आवाज़ को मंच देना है।कार्यक्रम में डॉ. गिरिराज शरण अग्रवाल, डॉ. मीना अग्रवाल, संतोष कपूर, मोनिका चौधरी, आर्यन टंडन, ओम सिंह, पवन वाघमारे, एडवोकेट मोनिका यादव, एडवोकेट हनी, एडवोकेट मीता, एडवोकेट पूनम, एडवोकेट नेहा, एडवोकेट जस्मीत सिंह, एडवोकेट अमनप्रीत सिंह, प्रिंस, संजय, गीतिका गोयल, अंजलि धींगरा, जतिन शर्मा, सुश्री तुलिका, लक्ष्मण और राम किशन सहित अनेक गणमान्य नागरिक व अतिथिगण मौजूद रहे।

