चंडीगढ़, सतीश भारद्वाज : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर गत 1 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो 100 रुपए का स्मृति सिक्का व 100 रुपए की विशेष डाक टिकट जारी की थी, उस बारे सूचना देने से मोदी सरकार ने इनकार कर दिया है । आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में गत 3 अक्टूबर को आरटीआई आवेदन लगा कर आरएसएस की शताब्दी पर पीएम मोदी सरकार द्वारा जारी इस विशेष डाक टिकट व स्मृति सिक्के को जारी करने के फैसले की फाइल नोटिंग सहित कॉपी मांगी थी । ताकि पता लग सके कि स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष न करने वाले एक गैर पंजीकृत संगठन आरएसएस को यह सरकार इतना महत्व व सम्मान क्यों दे रही है ।
दायर आरटीआई आवेदन के जवाब में वित्त मंत्रालय के अंतर्गत सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिनटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, हैदराबाद के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी सुनील कुमार यादव ने इस विशेष डाक टिकट को जारी करने के फैसले की सूचना सार्वजनिक करने से इंकार करते हुए इसके पीछे देश की सुरक्षा व देश के आर्थिक हितों पर दुष्प्रभाव होने का कारण बताया गया है। उन्होंने अपने इसी जवाब में 100 रुपए मूल्य के विशेष स्मृति सिक्के को जारी करने के फैसले का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध न होने की बात कही है! सूचना न देने के जवाब पर आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने हास्यास्पद बताते हुए कहा कि फैसले की कॉपी देने से इंकार करके मोदी सरकार स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस के शर्मनाक इतिहास को छिपा रही है। आरोप लगाया कि सूचना जानबूझ कर नहीं दी जा रही ,ताकि आरएसएस का असली चेहरा देश जान न पाए।

