गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।निगम कार्यालय में आयोजित शिकायत समीक्षा बैठक के दौरान निगमायुक्त ने जनसंवाद, समाधान शिविर, सीएचएस तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी शिकायतों को प्राथमिकता दें और गंभीरता से उनका निस्तारण सुनिश्चित करें।

निगमायुक्त ने इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि टूटे हुए ड्रेनेज कवर व मैनहोल कवर से संबंधित शिकायतों का निपटारा एक सप्ताह के भीतर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि समाधान गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, अन्यथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को उत्तरदायी ठहराया जाएगा। निगमायुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि यदि किसी क्षेत्र में ड्रेनेज या मैनहोल से संबंधित कोई हादसा होता है, तो संबंधित कनिष्ठ अभियंता जिम्मेदार माना जाएगा और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।बैठक में निगमायुक्त ने राजेंद्रा पार्क क्षेत्र की सीवरेज समस्या पर भी चर्चा की। अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस समय क्षेत्र में सीवरेज निकासी के लिए 10 सक्शन टैंकर और 2 जेटिंग मशीन लगाई गई हैं। आने वाले दिनों में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी ताकि समस्या का शीघ्र समाधान हो सके। कार्यकारी अभियंता प्रतिदिन क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं तथा नागरिकों से मिलकर शिकायत का समाधान करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
निगमायुक्त ने इंजीनियरिंग विंग को निर्देश दिया कि वे 15 अक्तूबर तक निगम क्षेत्र में सीवर ओवरफ्लो, सडक़ों, स्ट्रीट लाइटों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। इसी प्रकार बागवानी शाखा को निर्देश दिए गए कि निगम क्षेत्र के किसी भी हिस्से में गार्डन वेस्ट या बागवानी कचरा जमा न रहे। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी, यश जालुका व रविन्द्र यादव, संयुक्त आयुक्त डा. नरेश कुमार, विशाल कुमार, डा. प्रीतपाल सिंह व डा. जयवीर यादव, चीफ इंजीनियर विजय ढाका सहित कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।
