गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : एसटीएफ चीफ बी. सतीश बालन ने मोस्टवांटेड गैंगस्टर मैनपाल बादली के कंबोडिया से डिपोर्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। स्पेशल टास्क फोर्स ने मोस्टवांटेड गैंगस्टर मैनपाल बादली को कंबोडिया से भारत लाकर गिरफ्तार कर लिया है। उस पर 7 लाख रुपये का इनाम था। करीब 10 दिन पहले कंबोडिया पुलिस ने उसे पकड़ा था। केंद्रीय एजेंसियों और हरियाणा STF ने मिलकर गुप्त ऑपरेशन चलाकर उसे भारत लाया गया है। वह लंबे समय से विदेश से अपने गैंग को चला रहा था।
एसटीएफ चीफ बी सतीश बालन ने गुरुग्राम में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बारे में खुलासा किया।गुरुग्राम एसटीएफ ने डिपोर्ट के बाद दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते ही मैनपाल बादली को अरेस्ट कर लिया। एसटीएफ चीफ बी. सतीश बालन ने बताया कि मैनपाल हिसार जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। उसे 17 जुलाई 2018 को हिसार सेंट्रल जेल से छह सप्ताह की पैरोल मिली थी, लेकिन वह वापस जेल में नहीं आया। जिससे उसकी पैरोल का उल्लंघन हुआ। उसके खिलाफ हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजन एक्ट के तहत थाना सदर बहादुरगढ़ में एफआईआर दर्ज की गई। 30 अक्टूबर 2019 को बहादुरगढ़ के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उसे उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया।धोखाधड़ी से पासपोर्ट बनवा कर फरार हो गया था। जांच पड़ताल में यह बात सामने आई थी कि 2019 में मेनपाल ने धोखे से सोनू कुमार पुत्र रणवीर सिंह, निवासी मकान संख्या 898, सेक्टर-18, गांव सरहोल, जिला गुरुग्राम के नाम से एक भारतीय पासपोर्ट (संख्या T3218793) हासिल किया था।
एसटीएफ द्वारा की गई जांच में पता चला कि पासपोर्ट जारी करने के लिए इस्तेमाल किए गए पहचान पत्र फर्जी थे और किसी अज्ञात पते पर बनाए गए थे। जिसको लेकर गुरुग्राम के सेक्टर 17/18 पुलिस थाने में धारा 420, 467, 468,120बी आईपीसी और पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12(1) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। कोलकता से बैंकाक भाग गया धोखाधड़ी से प्राप्त इस पासपोर्ट का उपयोग करके वह 7 जुलाई 2019 को कोलकाता हवाई अड्डे से बैंकॉक भाग गया (उड़ान TG-314), और बाद में कंबोडिया के सिएम रीप में पाया गया। वह मॉरीशस और इंडोनेशिया भी गया, लेकिन सिएम रीप में बस गया।गर्ल्स फ्रेंड के साथ डिस्को खोला, तीन बच्चे भी हुए जहां उसका एक डिस्को था और वह अपनी प्रेमिका की मदद से चला रहा था। इंटरपोल और इंटरनेशनल एजेंसियों की मदद से पकड़ा,विदेश मंत्रालय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों (इंटरपोल) और सीबीआई मुख्यालय, नई दिल्ली के निरंतर प्रयासों से गैंगस्टर बादली को आधिकारिक तौर पर कंबोडिया से भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया है।
हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स की टीम में आईपीएस वसीम अकरम के नेतृत्व में डीएसपी मदन सिंह और सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार के साथ कंबोडिया दौरे पर गई थी।हरियाणा पुलिस की सूची में मैनपाल बादली नंबर-1पर मोस्ट वांटेड बदमाश है। पुलिस को इसकी काफी समय से तलाश थी,आखिरकार पकड़ने में सफल रही। हाल ही में इसको कंबोडिया में पकड़ा गया।

पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब उसके गैंग के बाकी सदस्यों और नेटवर्क पर भी नजर रख रही हैं। साथ ही एसटीएफ ने इस ऑपरेशन को गुप्त रखा था। इसके बाद कम्बोडिया की स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से मैनपाल को हिरासत में लिया गया।पुलिस के अनुसार मैनपाल का गैंग ड्रग्स की तस्करी और अवैध हथियारों के कारोबार में भी शामिल है। कंबोडिया में उसकी लोकेशन ट्रैक करने के लिए हरियाणा एसटीएफ ने इंटरपोल और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया। 20 अगस्त के आसपास कंबोडिया पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और डिपोर्ट की प्रक्रिया पूरी कर उसे भारत लाया गया है।
*गैंगस्टर बनने से पहले ट्रैक्टर मिस्त्री था बादली*
मैनपाल शुरुआत में ट्रैक्टर रिपेयरिंग का काम करता था, लेकिन साल 2000 में अपने चाचा की हत्या के बाद अपराध की दुनिया में उसने कदम रखा। धीरे-धीरे वह हरियाणा के सबसे खतरनाक गैंगस्टरों में शामिल हो गया। उसका गैंग कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा, जिसमें हत्या, फिरौती और संगठित अपराध शामिल हैं। एसटीएफ उससे गहनता से पुछताछ कर अन्य अपराधी घटनाओं से पर्दा उठाएगी।
गौरतलब है कि अक्सर लोगों में यह चर्चाएं रहती है कि सरकार चाहे तो कुछ भी कर सकती है, आकाश, पाताल, देश,विदेशी अपराधियों को कहीं से भी ढूंढ कर ला सकती है, लेकिन देश खासकर हरियाणा में कोई भी सरकारी जांच एजेंसी केवल सफेद फोश नेताओं के चंगुल में फंसी रहती है, जिसके चलते सफेदपोश गुंडे बदमाश गैंगस्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है। हरियाणा का खुब सुर्खियों में चल रहा मनीषा हत्याकांड आपके सामने है।
