गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: गुरुग्राम जिले की सोहना तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार और अधिवक्ताओं के बीच एक आदेश को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है,वकीलों ने नायब तहसीलदार पर एकतरफा आदेश जारी करने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार सोहना बार के पूर्व अध्यक्ष रजनीश अग्रवाल के अनुसार बताया गया है कि तबीयत खराब होने की वजह से उन्होंने 25 अगस्त को अपना मेडिकल प्रमाण पत्र नायब तहसीलदार को भेजा था।इसके बावजूद भी एक करोड़ रुपए की भूमि से जुड़े एक मामले में उनके खिलाफ एकतरफा आदेश जारी कर दिया गया। वकीलों का कहना है कि इस आदेश में न्यायिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
*कार्यालय में निजी व्यक्ति करता है काम*
वकीलों ने एक और गंभीर मुद्दा उठाया है। उनका आरोप है कि तहसील कार्यालय में एक निजी व्यक्ति नियमित रूप से काम कर रहा है। इस व्यक्ति की राजस्व अभिलेखों तक पहुंच है। वकीलों के मुताबिक यह कानून के खिलाफ है। नायब तहसीलदार सुरेश शर्मा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें कोई मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं मिला। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी आदेश नियमानुसार जारी किए गए हैं। राजस्व रिकॉर्ड केवल सरकारी कर्मचारियों के पास है। इस विवाद के कारण तहसील परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। कर्मचारियों और आने वाले लोगों के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय रहा। जिसकी एक विडियो भी सोशल मीडिया गुपो में भी काफी वायरल हो रही है।

