गुरुग्राम,सतीश भारद्वाज : आम नागरिक सरकार, प्रशासन व बदमाशों के कहर से बचने के लिए न्याय की उम्मीद लेकर अदालत की शरण में जाते हैं, लेकिन इन दिनों गुरुग्राम में अदालत परिसर में भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है, जिसका एक अहम कारण वकालत के पैसे में आ रहे कुछ गुंडा तत्व जैसे वकीलों का अदालत में प्रेक्टिस करने से बढ़ती जा रही संख्या है। जो केवल इस पेशे को केवल दबंगी की तरह अपना रहें हैं। वकीलों की अपनी क्लाइंट व दूसरी पार्टी के क्लाइंट के साथ परिसर व कोर्ट रूम में भी अपशब्द बोलने व दादागिरी दिखाना आम बात होती जा रही है।
वीरवार को सोहना अदालत का एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें एक वकील ने एक गवाह के साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। जिसकी पीड़ित ने शिकायत थाना शहर सोहना में दी है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित सागर लोहीया निवासी लोहीया वाडा सोहना ने पुलिस में लिखित शिकायत दी है कि आज 21-08-2025 को सुबह करीब 10:30 AM पर सोहना सीमा दलाल की अदालत में अपने केस सागर लोहिया बनाम रवींद्र में अपनी ग्वाही करवा रहा था, ग्वाही के दौरान जज साहेब कुर्सी से उठकर जैसे ही अपने चैम्बर में गई थी तभी सुनील खटाना पुत्र सुमेर खटाना अचानक से मेरे बराबर में आकर बैठ गया था और मेरे कान से बोला की तूने मेरी पत्नी पर जो मुकदमा डाल रखा है या तो उसको वापस ले नहीं तो तू बचेगा नही और मेरे मुंह पर ओपन कोर्ट के अंदर बहुत तेजी से थप्पड़ मारा और कोर्ट से बहार जाते जाते बोला की तू जिंदा नहीं बचेगा तू कोर्ट में दुबारा आया तो छोडूंगा नहीं तुझे,और कहा कि मैं तो वकील हूं मेरा तो कुछ नहीं बिगड़ेगा, तू अब बचकर दिखा तभी शोर सुनकर जज साहब अपनी कुर्सी पर आई तभी मैने जज साहिबा को आप बीती सारी बात बताई और न्यायलय में मौजूद सभी लोगों ने भी जज साहिबा को सारी बात बताई थी। उसके उपरान्त मैने बहार आकर देखा तो सुनील खटाना भाग गया था। वह पहले भी मेरे साथ 2- 3 दफा बदतमीजी कर चुका है। लेकिन आज तो वह मुझे थप्पड़ मार कर व जान से मारने की धमकी देकर न्यायालय से बाहर भाग गया।
पीड़ित ने सुनील खटाना वकील पर सागर लोहिया पर मुकदमे को वापस लेने का दबाव बना रहा था। जिसमें सागर लोहिया के निजी पौने दो एकड़ जमीन पर सुनील खटाना की पत्नी शीतल ने जो की अभयपुर गांव की सरपंच थी, उसने वर्ष 2019 – 2020 में अधिकारियों से मिली भगत करके सागर लोहिया की निजी जमीन को पंचायती जमीन दिखाकर शमशान घाट आदि बना दिया था। इसके संबध में राखी बनाम स्टेट से यह मुकदमा दिसंबर में पेंडिंग है, जिसको वापस लेने के लिए सुनील खटाना वकील ने सागर लोहिया पर हमला किया है। पीड़ित ने पुलिस से जान माल का खतरा बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं इस घटना की एक यूट्यूब वीडियो भी सोशल मीडिया पर चल रही है। आरोपी वकील ने अपनी सफाई में कुछ कहना है तो उनका स्वागत है।

बता दें कि गुरुग्राम जिला अदालत परिसर में भी गत अप्रैल माह में एक दबंग गुंडे वकील (मुंशी) ने भी अपने क्लाइंट को खुश करने के लिए दुसरे पक्ष के प्रतिवादी को शारीरिक नुकसान अदालत परिसर में ही पहुंचाया था। जिसकी शिकायत भी पीड़ित ने डीबीए के प्रधान, सैकटरी व उसके सीनियर को की करी थी, लेकिन दोषी के खिलाफ उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की, वही उसके सीनियर ने तो यह भी कह दिया था कि उसने तो झज्जर में एक पुलिस के एसएचओ को पीटा था,जिसका पांच साल केस चला था कुछ नहीं हुआं। जिसकी पीड़ित ने पुलिस में भी शिकायत दी हुई है, मगर थाना शिवाजी नगर मामले को रफा दफा करने पर तुला हुआ है। जिसकी जल्द ही शिकायत अन्य उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी जाएगी। वहीं दो बुजुर्ग आपस में चर्चाएं कर रहे थे कि बार एसोसिएशन अपने लिए तो किसी भी अधिकारी पुलिस विभाग को या हाईकोर्ट को किसी भी जज की शिकायत एकदम से कर देती है, लेकिन उनकी बार में गुंडे बदमाशों जैसा व्यवहार करने वाले कुछ वकीलों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं करती है। यह भी चर्चाएं थीं कि जो क्लाइंट वकीलों को आर्थिक सहायता फीस के रूप में दे रहे हैं,उन्हीं के खिलाफ वकील लीचड़, घटिया, कंगाले जैसे शब्द इस्तेमाल कर विद्वान वकील की भूमिका को भी बदनाम कर रहे हैं। ऐसे वकीलों मुनशीयो के खिलाफ बार एसोसिएशन को सख्त कदम उठाने चाहिए।
