
गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: गुरुग्राम की एक एडीजे अदालत ने वर्ष 2016 में न्यू कॉलोनी क्षेत्र में एक शराब कारोबार की आपसी रंजिश के चलते अंधाधुंध गोली मारकर की गई हत्या के मामले में 13 आरोपियों को गवाह और सबूत के आधार पर दोषी करार देते हुए उम्र कैद और जुर्माना से दंडित किया हैं।
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 अक्टूबर 2016 को पुलिस चौकी न्यू कॉलोनी गुरुग्राम को एक व्यक्ति ने लिखित शिकायत के माध्यम से बतलाया कि इसका बेटा मनीष (मृतक) शराब ठेकेदार हैं। उसका बेटा कॉलोनी मोड़ पर अपने ठेके पर साथियों के साथ कैश लेने गया था, जब जब बेटा ठेके के पास जाकर कैश लेने के गाड़ी रोकी तो 8-10 जवान लड़के आए और अंधाधुन उसके लड़के पर गोलियां चलाने लगे जिसमें कुछ गोलियां उसके लड़के तथा उसके दोस्त को लगी। जिससे उसके बेटे की मौत हो गई तथा उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसपर थाना शहर में हत्या से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस ने कार्यवाही करते हुए अभियोग में हत्या करने वाले आरोपियों को काबू करके अभियोग में नियमानुसार गिरफ्तार कर चालाना अदालत में पेश किया था। करीब 9 सालों तक अदालती कार्रवाई चलने के बाद अदालत में पेश और सबूत गवाह के आधार पर आरोपियों को दोषी मानते हुए अदालत में सजा सुनाई है। जिसमें पुलिस ने राहुल पंडित निवासी बड़ी बहु अकबरपुर, सचिन उर्फ बिल्लू निवासी बहु अकबरपुर, रविकांत उर्फ विक्की निवासी गाडौली, सोमबीर उर्फ छतरी उर्फ नन्हा निवासी बहु अकबरपुर, ब्रह्मप्रकाश निवासी गाडौली खुर्द, पवन कुमार निवासी डीगल, कुलदीप निवासी गाडौली खुर्द, जयबीर निवासी सैक्टर-05, लव शर्मा निवासी रत्न गार्डन, दीपक निवासी कंसाला, मोनू निवासी कंसाला, रवि कुमार निवासी मेहरम नगर, दिनेश निवासी मोखरा के रुप में हुई थी।
गुरुग्राम पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार करने उपरांत मामले की तफ्तीश बहुत ही गहनता से की गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सभी आवश्यक साक्ष्य व गवाह एकत्रित किए गए और आरोपी के खिलाफ माननीय अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।
उक्त मामले में मंगलवार को एडीजे सुनील चौहान की अदालत ने फैसला सुनाते हुए उपरोक्त आरोपीयों के खिलाफ पुलिस द्वारा दिए गए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अदालत द्वारा उपरोक्त आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी राहुल, सचिन, जयबीर, लव शर्मा, रवि कुमार, रविकांत, सोमबीर, दीपक व मोनू को धारा 302 IPC के तहत उम्र कैद (कठोर कारावास) व 50 हजार रुपए जुर्माना, धारा 307 IPC के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास व 25 हजार रुपए का जुर्माना व धारा 148/149 IPC के तहत 03 साल की सजा तथा आरोपी दिनेश, कुलदीप, पवन उपरोक्त को धारा 302 IPC के तहत उम्र कैद (कठोर कारावास) व 50 हजार रुपए जुर्माना, धारा 307 IPC के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास व 25 हजार रुपए का जुर्माना, धारा 148/149 IPC के तहत 03 साल की सजा व शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1) के तहत 03 साल की सजा व 10 हजार रुपए का जुर्माना और उपरोक्त आरोपी ब्रह्मप्रकाश को धारा 302 IPC के तहत उम्र कैद (कठोर कारावास) व 50 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 307 IPC के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास सजा सुनाई है।
