गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : प्रदेश के पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। पुर्व मंत्री पर पहले ही करीब तीन दर्जन मामले अलग-अलग अदालतों में चल रहे हैं, वहीं अब एक नया मामला गुरुग्राम पुलिस ने अदालत की आदेश पर दर्ज किया है। जिसमें उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने ही नाम के मकान पर एक महिला मित्र को खुश करने के लिए सरकारी ग्रांट दिलवाई थी। जिसका मामला गुरुग्राम निवासी ओमप्रकाश कटारिया ने अदालत में डाला हुआ था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुग्राम की एक अदालत के आदेश पर पुलिस थाना न्यू कॉलोनी ने हरियाणा के पूर्व मंत्री और 5 अन्य लोगों के खिलाफ फर्जी ग्रांट वितरण मामले में केस दर्ज किया है। उक्त मामला सीजेएम अदालत ने सैक्टर-12 निवासी शिकायतकर्त्ता ओम प्रकाश द्वारा याचिका दायर पर संज्ञान लेते हुए दिया है। जिसमें आरोप लगाया गया था कि पूर्व मंत्री ने कांग्रेस सरकार में मंत्री रहते हुए मकान नंबर 605/20 – वीर नगर, गुरुग्राम को अपनी महिला मित्र शर्मिला का बताकर सरकारी कोटे से फर्जी ग्रांट बांटी,जबकि उक्त मकान का असली मालिक वह स्वयं ही है,जिनके बिजली बिल के अनुसार वह मकान खुद के नाम पर है।
अदालत में दायर याचिका के अनुसार वर्ष 2013-14 में 3 लाख रुपए की ग्रांट आनंद को घर बनाने के लिए व वर्ष 2012-13 में एक लाख रुपए की ग्रांट शर्मिला को पति की दवा और कपड़ों के लिए दी गई। इस तरह वर्ष 2014-15 में 1.65 लाख रुपए की ग्रांट दवा और बच्चों की फीस के लिए, वर्ष 2014-15 में ही 50 हजार रुपए की ग्रांट कपड़ों के लिए दी गई। वर्ष 2014-15 में 10 लाख रुपए की ग्रांट प्रगति विकास समिति के नाम पर दी गई जो इसी मकान पर रजिस्टर्ड करवाई गई। मकान का बिजली का मीटर पिछले करीब 20 साल से पुर्व मंत्री सुखबीर के नाम पर ही है।जिसपर अदालत ने मामले में पुलिस थाना से एटीआर मंगाई थी, जिसपर भी पुलिस ने गोलमोल जवाब दिया था, जिसपर याचिका दायर करने वाले ने अदालत में एतराज उठाया था, जिसके बाद अदालत ने संबंधित थाना पुलिस से दोबारा एनटीआर मंगाई थी, फिर भी पुलिस ने आरोपियों से साज बाज होकर गलत रिपोर्ट अदालत में पेश की।
जिसके बाद अदालत ने गहनता से दस्तावेज का निरीक्षण कर संबंधित थाना पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश पारित किए थे।जिसके बाद थाना न्यू कॉलोनी पुलिस ने पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया,शर्मिला,आनंद सिंह, बसंती देवी, संजीव और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि पूर्व मंत्री के खिलाफ फर्जी वोटों से जीत हासिल करने सहित, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर अवैध निर्माण कर वसूली सहित प्रतिबंधित क्षेत्र आयुध डिपो के साथ भी गलत निमार्ण करने सहित करीब तीन दर्जन से भी अधिक मामले देश की विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। जिनमें के कई मामलों में तो पूर्व मंत्री जमानत पर है।
वहीं सूत्रों से बताया गया है कि उनका समाधी भाजपा से राज्यसभा सांसद हैं, जिसकी पहुंच काफी ऊपर तक है, जिस वजह से भाजपा सरकार पूर्व मंत्री पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है, वहीं सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि पुरानी दिल्ली रोड पर सैक्टर 18 मोड़ पर बने एक रेस्टोरेंट व कार रिपेयर की दुकानों पर डीटीपी ने सील लगाई थी, फिर पता नहीं वहां पर सील खुल गई है। जबकि सीलिंग के समय डीटीपी ने कहा था कि यह दुकानें आयुध डिपो के पास बनी है बिल्कुल अवैध है। जिससे आमजन में गलत संदेश जा रहा है।

