गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम में एचएसवीपी विभाग ने सैक्टर- 23 में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर किए जा रहे निमार्ण को हटाने की कार्रवाई करी। यह कार्रवाई एचएसवीपी के शहरी संपदा अधिकारी-वन राकेश सैनी के आदेश पर की गई।मिली जानकारी के अनुसार वीरवार को विभाग के तोड़फोड़ दस्ते ने दोपहर को थाना पालम विहार सैक्टर 22 से काफी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। एचएसवीपी सर्वे एसडीओ अजमेर सिंह के अनुसार बताया गया है कि संबंधित जमीन को लेकर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद भी भूमि मालिक द्वारा उक्त जमीन पर अवैध रूप से चारदीवारी करके मकान का निर्माण कर रहा था। जिसके बारे में कई बार नोटिस भी दिए जा चुके हैं।
उनका कहना था कि लगभग एक एकड़ जमीन पर चारदीवारी बनाई जा रही थी, जबकि करीब 400 गज क्षेत्र में एक मंजिला पक्का मकान तैयार किया जा रहा था। एचएसवीपी की टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से इस अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया और सरकारी जमीन को कब्जामुक्त करा लिया।एसडीओ अजमेर सिंह ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में यहां दोबारा कब्जा करने की कोशिश की गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस में मामला दर्ज कराया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि कार्रवाई से दो दिन पहले मुनादी करवाकर जमीन खाली करने का नोटिस दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया। जिसके बाद विभाग को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी।इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर उपमंडल अभियंता नरेश राणा मौजूद रहे। वहीं कार्रवाई के समय एचएसवीपी सर्वे टीम के सदस्य ललित हंस (जेई), संजीव यादव, दयानंद, वीरेंद्र, सतपाल सहित अन्य कर्मचारी भी मौके पर उपस्थित थे।
बता दें कि उक्त जमीन के पास ही पहले बीजेपी के पूर्व पार्षद ने अवैध रूप से एक दर्जन दुकानें बना कर एक मंत्री की मिली भगत से किराया वसुली करते थे। जिसकी शिकायत भी मुख्यमंत्री दरबार तक भी पहुंची थी । जिसको भी प्रशासन ने ध्वस्त किया था। वहीं अभी भी स्थानीय पुलिस की मिली भगत से वहा से जमकर अवैध वसूली करवा रहा है।

