रोहतक, सतीश भारद्वाज : हरियाणा में जिला रोहतक के गांव ककराना में जन्मे एयरफोर्स में स्क्वाड्रन लीडर अनुज असम में हुए हादसे में शहीद हो गए। अनुज के शहीद होने की सूचना के बाद गांव में शोक की लहर है। शनिवार को उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। जिसकी तैयारीयां चल रही है।शहीद स्क्वाड्रन लीडर अनुज का जन्म 9 अगस्त 1993 को गांव ककराना में हुआ था। जब उनकी आयु मात्र 7 साल थी तो परिवार गुरुग्राम में शिफ्ट हो गया। उनकी पढ़ाई लिखाई गुरुग्राम से ही हुई। अभी वे परिवार सहित गुरुग्राम के सेक्टर 22 भी में रहते हैं। पढ़ाई में शुरू से ही होनहार होने के कारण 2015 में एयरफोर्स में चयन हो गया। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 2016 में गांव ककराना में पहली बार आने पर ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया था।
अनुज के पिता आनंद शर्मा भारतीय सेना में सूबेदार के पद से रिटायर है। उन्हीं को देखकर अनुज ने भी देश सेवा करने का मन बनाया और भारतीय वायु सेना को ज्वाइन किया। शहीद अनुज दो भाई है। दूसरा भाई इंग्लैंड में नौकरी करता है। जल्द ही शहीद की शादी होने वाली थी। भारतीय वायुसेना के मुताबिक, SU-30 MK लड़ाकू विमान ने असम के जोराहट एयरबेस से रेगुलर प्रैक्टिस के लिए उड़ान भरी थी। इसमें स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर सवाल थे। उड़ान के कुछ समय बाद ही शाम करीब 7 बजकर 42 मिनट पर विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क टूट गया और विमान रडार से गायब हो गया। विमान के लापता होने के तुरंत बाद वायुसेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाश के दौरान पता चला कि विमान जोराहट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग के घने जंगलों में क्रैश हो गया है।
वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा कर दोनों अधिकारियों स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ और ब्राइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर के शहीद होने की पुष्टि की। शहीद स्क्वाड्रन लीडर अनुज के पार्थिव शरीर को दोपहर में ककराना में लाया जाएगा, जहां उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही है। राजकीय सम्मान के साथ शहीद स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा को ग्रामीण गमगीन माहौल में अंतिम विदाई देंगे।

