गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम की एक अदालत ने थाना पालम विहार के एसएचओ सहित वार्ड तीन से भाजपा पार्षद रहे उसके भाइयों पत्नी तथा लड़के को एक पीड़ित द्वारा दायर किए गए केस पर संज्ञान लेते हुए अगली तारीख पर अदालत में हाजिर होने के आदेश पारित किए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार सैक्टर 22 निवासी पीड़ित सतबीर सिंह की शिकायत पर अहम आदेश जारी करते हुए थाना पालम विहार के एसएचओ सहित वार्ड तीन से भाजपा के पार्षद रहे रविंद्र यादव, उसके भाई, मनोज यादव,सुनील यादव, राजबीर यादव,भतीजा गौरव, पत्नी सरला देवी,लड़का मनश तथा उसका बाउंसर नीरज सभी निवासी गांव मोलाहेडा जिला गुरुग्राम को अगली सूनवाई तारीख पर जेएमआईसी अदालत में हाजिर होने के लिए नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने यह आदेश पुलिस द्वारा मामले में एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) पेश किए जाने के बाद मामले पर सुनवाई करते हुए पारित किए हैं। जिसमें थाना पालम विहार पुलिस ने शिकायतकर्ता पीड़ित सतबीर सिंह द्वारा उपरोक्त लोगों के द्वारा इकट्ठे होकर उसके प्लाट में जबरदस्ती घुसकर गन्दगी फैलाना,कोमन स्टील पार्किंग पर नियमों के खिलाफ कब्जा करके निर्माण करने से रोकने पर मारपीट, धमकी देने, झुठी शिकायत करने तथा पुलिस द्वारा प्रताड़ित करने तथा शिकायत देने पर कार्रवाई नहीं करने पर न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। पुर्व पार्षद, पुलिस व अन्य के खिलाफ कार्रवाई करवाने के लिए पीड़ित कई दफा एसीपी नवीन, डीसीपी करण गोयल तथा सीपी विकास अरोड़ा से भी मिल चुका था। लेकिन पार्षद के उच्च अधिकारियों से मिली भगत के मामले में लीपापोती कर रहे थे।
सुनवाई के दौरान अदालत ने दायर शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सभी नामजद प्रस्तावित दोषियों को अगली निर्धारित तिथि 24 अप्रैल 2026 पर स्वयं या अपने वकील के साथ अदालत में हाजिर होने के दिए हैं। नोटिस जारी किए गए व्यक्तियों में थाना पालम विहार के एसएचओ मार्फत आईओ सहित आठ अन्य लोग शामिल हैं।अदालत के इस आदेश के बाद मामले में अगली सुनवाई पर सभी संबंधित पक्षों की उपस्थिति में आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें पीड़ित ने दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की भी अदालत से गुहार लगाई थी,जिसको अदालत ने नामंजूर करते हुए आदेश दिए हैं।
बता दें कि भाजपा के पूर्व पार्षद रविंद्र व उसके परिवार पर काफी लोगों ने गंभीर आरोप लगाएं है, लेकिन एक मंत्री की जी हजूरी करने से कोई भी अधिकारी उसपर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उसके भाई राजबीर व मनोज पर भी कई फौजदारी केस विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं, उनके सताए हुए पीड़ित अब न्याय के लिए न्यायालय की शरण में जा रहे हैं।

