गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : जिला विधिक सेवाएँ प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा सरस मेले में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य आमजन को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं तथा राष्ट्रीय विधिक सेवाएँ प्राधिकरण और हरियाणा राज्य विधिक सेवाएँ प्राधिकरण की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा।
शिविर के दौरान डीएलएसए गुरुग्राम के पैनल अधिवक्ताओं ने मेले में आए आगंतुकों से संवाद कर उन्हें महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। विशेष रूप से दिनांक 14 मार्च को आयोजित होने वाली आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में विस्तार से बताया गया तथा लंबित मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निपटारे हेतु लोक अदालत के माध्यम से समाधान अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।इसके अतिरिक्त “मेडिएशन फॉर नेशन – 2” (राष्ट्र के लिए मध्यस्थता – 2) अभियान के बारे में जागरूक किया गया तथा मध्यस्थता को विवाद समाधान का एक शांतिपूर्ण, समय की बचत करने वाला एवं किफायती माध्यम बताया गया। “मैनेजिंग द डिजिटल वर्ल्ड: थिंक बिफोर यू शेयर” (डिजिटल दुनिया का प्रबंधन: साझा करने से पहले सोचें) अभियान के अंतर्गत साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल उत्पीड़न तथा सोशल मीडिया पर सतर्कता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। लोगों को सलाह दी गई कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या संदेश से सावधान रहें तथा साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित प्राधिकरण को सूचित करें।शिविर में “बाल विवाह मुक्त भारत” विषय पर भी विशेष जागरूकता फैलाई गई। पैनल अधिवक्ताओं द्वारा बाल विवाह के दुष्परिणामों, इसके कानूनी प्रावधानों एवं दंडात्मक परिणामों के बारे में जानकारी दी गई तथा पीड़ितों हेतु उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में भी बताया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया तथा डीएलएसए गुरुग्राम के पैनल अधिवक्ताओं द्वारा मौके पर ही विधिक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

