गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), गुरुग्राम द्वारा “मैनेजिंग द डिजिटल वर्ल्ड : थिंक बिफोर यू शेयर” विषय पर एक डिजिटल जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों, युवाओं एवं सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जिम्मेदार उपयोग तथा ऑनलाइन लापरवाही से उत्पन्न होने वाले कानूनी परिणामों के प्रति जागरूक करना रहा। इस अवसर पर सीजेएम-सह-सचिव, डीएलएसए गुरुग्राम राकेश कादियान ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना अत्यंत आवश्यक है। सोशल मीडिया पर की गई छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर कानूनी, सामाजिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं का कारण बन सकती है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे डिजिटल माध्यमों का उपयोग सोच-समझकर, सावधानीपूर्वक एवं विधिसम्मत तरीके से करें।अभियान के दौरान साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, फर्जी समाचार, ऑनलाइन ठगी, साइबर बुलिंग, पहचान की चोरी तथा किसी भी सामग्री को साझा करने से पूर्व उसकी प्रमाणिकता सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। संवादात्मक सत्रों, चर्चा एवं सूचना सामग्री के माध्यम से प्रतिभागियों को साइबर कानूनों के अंतर्गत उनके अधिकारों, कर्तव्यों एवं उपलब्ध कानूनी उपायों से अवगत कराया गया।
यह जागरूकता कार्यक्रम डीएलएसए गुरुग्राम की पैनल अधिवक्ताओं सुषमा यादव, सुनीता तिवारी, प्रियंका शर्मा एवं रीना यादव द्वारा गुरुग्राम के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों जैसे विद्यालयों, महाविद्यालयों, बाजारों एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर आयोजित किए गए, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक इस अभियान की पहुँच सुनिश्चित की जा सके।जनता को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डीएलएसए गुरुग्राम द्वारा विभिन्न स्थानों पर हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं, जहाँ साइबर अपराध एवं डिजिटल ठगी से संबंधित मामलों में शिकायतों के निवारण हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। इन हेल्प डेस्क के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता एवं उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी भी साझा की जा रही है। डीएलएसए गुरुग्राम ने डिजिटल साक्षरता एवं विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए नागरिकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग सावधानी, नैतिकता एवं जिम्मेदारी के साथ करें। इस अभियान को जनता से उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई और यह एक सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

