गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज :सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पालम विहार क्षेत्र स्थित कृष्णा चौक पर गांव चौमा के खसरा मुस्तील नंबर 85/21, 22 और 23 पर हाल ही में निर्मित तीन मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए न तो कोई भवन नक्शा पास कराया गया है और न ही किसी प्रकार की सरकारी फीस जमा कराई गई है। यह जानकारी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के सर्वे विभाग द्वारा आरटीआई के जवाब में स्पष्ट रूप से दी गई है।आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त भूमि का अधिग्रहण वर्ष 2006 में किया जा चुका था, इसके बावजूद इस भूमि पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के व्यावसायिक निर्माण कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर नियम उल्लंघन के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
सूत्रों के अनुसार, इस अवैध निर्माण का संबंध गांव काटरपुरी के एक भाजपा नेता से बताया जा रहा है, जिनका नाम पहले भी विभिन्न विवादों में सुर्खियों में रहा है। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण जिले में तैनात जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुर्सी बचाने के डर से चुप्पी साधे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, यह मामला एक स्थानीय पार्षद से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी पहुंच चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई का अभाव कई सवाल खड़े करता है। आरटीआई से सामने आए इस खुलासे के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई करते हैं या मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।
*सरकारी तंत्र व भ्रष्ट अधिकारी इस तरह करते हैं भेदभाव*
बता दें कि सरकारी तन्त्र व भ्रष्ट अधिकारी इस प्रकार करते हैं, भेदभाव जिसका जीता जागता उदाहरण इन दिनों गुरुग्राम में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां कांग्रेस नेता राजेश यादव से सम्बंधित बिल्डिंगों पर नगर निगम, एचएसवीपी व जीएमडीए के लापरवाह अधिकारी चुन चुन कर तोड़फोड़ कर रहे हैं। जबकि मामला अदालत में भी विचाराधीन हैं। बस उनका कसुर इतना है कि वह बीजेपी के एक मंत्री तथा सरकार के विकास कार्यों की जमकर पोल खोल रहें हैं। वहीं जिला सरकारी तन्त्र पालम विहार में बने परिसर को कभी हाईकोर्ट में केस पेंडिंग होने का बहाना बना कर समय देते रहे,कभी नोटिस देकर पल्ला झाड़ लिया। वहीं अब यह कह कर कि सरकार को उक्त जमीन रिलीज करने के लिए चिट्ठी भेजी हुई है। जबकि उक्त जमीन में काफी लोगों का हिस्सा है,जिसको भाजपा नेता ने मिलीभगत कब्जा जमा रखा है।
वहीं इसी तरह मंत्री के चहेते बने फिरने वाले बीजेपी के पूर्व रविन्द्र तथा टीसी राव परिवार ने भी सैक्टर 21, 22, 23 में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे कर वसूली कर रहे हैं। जहां पर आर एस बाठ जैसे अधिकारी भी कई बार जा चुके हैं। लेकिन जी हजूरी के चलते आजतक मौन बने हुए हैं। जिससे जनता में भेदभाव की नीति का साफ अंदाजा लग रहा है। इसी तरह गांव मोलाहेडा, डूंडाहेड़ा, नाथुपुर, ग्वाल पहाड़ी,सदर बाजार सरदार जलेबी वाली गली में हो रहा है। ऐसे दर्जनों मामले सरकारी फाइलों में दफन है।
शहर के जागरूक लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अवैध निर्माण पर तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि ऐसे मामलों में राजनीतिक दबाव के चलते नियमों को नजरअंदाज किया जाएगा, तो आम जनता का प्रशासन और कानून व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा। सरकार तथा जिले में बैठे अधिकारी सबके साथ एक जैसा ही नियम क्यों नहीं अपनाते हैं। लोगों का कहना था कि अगर सरकार के नियमों से कांग्रेस नेता राजेश यादव की तोड़फोड़ सही थी, तो बीजेपी नेताओं द्वारा किए गए उक्त अवैध कब्जों व निमार्ण को भी तुरंत ध्वस्त करें।

