गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम पुलिस ने फर्जी पहचान छुपाकर विवाह करने, महिला के साथ मारपीट करने और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के गंभीर मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़िता को प्रेमजाल में फंसाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, 27 जनवरी 2026 को थाना सेक्टर-14 गुरुग्राम को सूचना मिली कि एक महिला गंभीर चोटों के कारण सरकारी अस्पताल सेक्टर-10 में भर्ती है। सूचना पर पुलिस टीम तुरंत अस्पताल पहुंची। डॉक्टर द्वारा पीड़िता को बयान देने के लिए फिट बताए जाने पर उसका बयान दर्ज किया गया।
पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2022 में वह सेक्टर-15 गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में इंश्योरेंस विभाग में कार्यरत थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात तारीफ नामक व्यक्ति से हुई, जिसने उसे अपने मालिक आरव से मिलवाया। आरोपी आरव ने स्वयं को हिंदू, अविवाहित और ठेकेदारी व्यवसाय से जुड़ा बताया तथा फर्जी पहचान के आधार पर विश्वास जीतकर प्रेम संबंध स्थापित किए। इसके बाद 04 नवंबर 2022 को सोहना-पलवल रोड स्थित एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह किया।
पीड़िता के अनुसार विवाह के बाद आरोपी ने उस पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव बनाया और इंकार करने पर उसके साथ मारपीट की। डिलीवरी के समय आरोपी उसे मेदांता अस्पताल, सेक्टर-47 गुरुग्राम में छोड़कर चला गया। बच्चे के जन्म के बाद पीड़िता को पता चला कि आरव का असली नाम आरिफ है, वह मुस्लिम है, पहले से शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं।पीड़िता ने आगे बताया कि वर्ष 2023 में उसे गांव धुनेला ले जाकर आरोपी आरिफ, उसकी मां, पत्नी और भाइयों ने उसके साथ मारपीट की और धर्म परिवर्तन कर नमाज पढ़ने का दबाव बनाया। भय के कारण वह वहां से चुपचाप अपने गांव चली गई। इसके बाद में पीड़ित महिला राजीव नगर, गुरुग्राम में किराए के मकान में रहने लगी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 26 जनवरी 2026 को आरोपी आरव उर्फ आरिफ उसके किराए के मकान पर आया, जहां उसके साथ मारपीट की गई और धर्म परिवर्तन न करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। जिसकी शिकायत पीड़िता ने थाना सेक्टर-14 गुरुग्राम में की, जिसके आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा हरियाणा गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 28 जनवरी 2026 को गांव धुनेला, गुरुग्राम से मुख्य आरोपी आरिफ उर्फ फर्जी आरव (उम्र 35 वर्ष) और उसके सहयोगी तारीफ (उम्र 34 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से फर्जी पहचान के सहारे पीड़िता को प्रेमजाल में फंसाया, मंदिर में विवाह किया और बाद में जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेगी। मामले की जांच अभी जारी है।

