गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम में बुधवार को बादशाहपुर क्षेत्र में नगर निगम ने एक बार फिर भेदभाव की नीति से एक गोदाम को जेसीबी से ढहा दिया,जबकि उनका मामला अदालत में विचाराधीन है। जहां प्रशासन ने तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई है वह आम नागरिक न होकर कांग्रेस एक नेता हैं, जिसके सम्बंधित मकानों पर यह तीसरा बार जेसीबी चलाकर तोड़ा गया है। प्रशासन की तरफ से पिछले करीब 4 महीने में उनके साथ तीसरी बार कहर बरसाया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को नगर निगम टीम ने भारी पुलिस बल के साथ राजेश यादव के बादशाहपुर (सेक्टर-69) स्थित एक गोदाम ध्वस्त कर दिया। जिसमें बतौर ड्युटी मजिस्ट्रेट के तौर पर नियुक्त अधिकारी आरएस भाट मौके पर मौजूद रहे।राजेश यादव ने सीधे तौर पर प्रदेश सरकार में मंत्री राव नरबीर सिंह और अधिकारी आरएस भाट पर द्वेषपूर्ण उनकी बिल्डिंगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में होने के बाद भी दबंगी दिखा रहे हैं। उक्त मामले की अगली सुनवाई तारीख 9 अप्रैल को होनी है। इसके बावजूद भी बिना किसी नोटिस के तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई है। जबकि मंत्रियों के अवैध फार्म हाउसों पर प्रशासन मौन बना हुआ है।
कांग्रेस नेता ने सरकार में मंत्रियों के अवैध फार्म हाउस और ग्रीन बेल्ट में बने बैंक्वेट हॉल्सव व स्कूलों-कॉलेजों पर कोई बुलडोजर नहीं चलाया जा रहा। यह कार्रवाई सिर्फ राजनीतिक रंजिश के तहत की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि इस समय सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है। वक्त आने पर इस कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। यह अतिक्रमण हटाना नहीं बल्कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। राजेश यादव ने कहा कि वह जनहित में स्कूल, शिक्षा,सीवर, सड़क, पानी,परिवहन तथा मूलभूत सुविधाओं, मोक्ष धाम के मुद्दे उठा रहा है, जिससे भाजपा सरकार और भ्रष्ट अधिकारियों की पोल खुल रही है। जिससे स्थानीय विधायक काफी बोखलाए हुएं हैं।
उन्होंने मंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि आमने-सामने बैठकर बात करें कि किसके पास कितनी वैध या अवैध सम्पत्ति है। मेरी तो सभी आधार कार्ड से लिंक तथा आयकर विभाग की जानकारी में है। राजेश यादव प्रदेश कांग्रेस इकाई में प्रवक्ता पैनल में भी रह चुके हैं और वे मुखर होकर समस्याएं उठाते हैं। साथ ही भाजपा सरकार के खिलाफ भी खुलकर बोलते हैं। उन्होंने मंत्री का नाम लिए बिना कहा कि अगर लड़ना है तो अपने बराबर वालों के साथ लड़ाई करो। उन्होंने अपनी हत्या तक होने का अंदेशा जताया है।

