गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के गुरुग्राम सेक्टर 40 स्थित एमडीयू–सीपीएएस परिसर में भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस गरिमा, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एनसीसी कैडेट्स की मार्च-पास्ट से हुई। एनसीसी कैडेट्स ने कदम से कदम मिलाते हुए अनुशासित परेड का प्रदर्शन कर अपने अनुशासन एवं समर्पण का प्रभावी परिचय दिया।
निदेशक प्रो. प्रदीप के. अहलावत ने परेड की सलामी ली।परेड की सलामी लेने के उपरांत प्रो. प्रदीप के. अहलावत ने राष्ट्रध्वज फहराकर गणतंत्र दिवस समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया, जिससे परिसर में राष्ट्रभक्ति एवं गौरव का वातावरण परिलक्षित हुआ। इसके उपरांत सभागार में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. प्रदीप के. अहलावत ने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने 26 जनवरी 1950 के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान ने देश को संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान में निहित अनुशासन, समानता, नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं लोकतांत्रिक सहभागिता जैसे मूल्यों को अपने शैक्षणिक, व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन में आत्मसात करने का आग्रह किया। उन्होंने सेवा-भाव और नेतृत्व विकास को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अभिन्न अंग बताया।
उन्होंने एनसीसी कैडेट्स की अनुशासनप्रियता, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्रसेवा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं में जिम्मेदार नागरिक चेतना के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समारोह के दौरान एनसीसी कैडेट्स को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता के आधार पर निदेशक द्वारा रैंक बैज प्रदान कर सम्मानित किया गया। निदेशक ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु माननीय कुलपति प्रो. राजबीर सिंह के मार्गदर्शन एवं सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समन्वय एनसीसी अधिकारी डॉ. स्नेहलता ने किया।
इस अवसर पर डॉ. विजय राठी, डॉ. ओम प्रभा, डॉ. सीमा बसवाना, डॉ. प्रतिभा भारद्वाज, डॉ. योगेंद्र, डॉ. सुचित्रा, डॉ. सीमा, डॉ. राम गोपाल एवं डॉ. अक्षय सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
