गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम में सिविल लाइन्स स्थित स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद हाल परिसर में आज से शुरू हुए तीन दिवसीय गीता महोत्सव में आ रहे दर्शकों को गीता के ज्ञान के साथ ही मुफ़्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। जिलावासी प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक आकर इसका लुत्फ उठा सकते हैं। जिसमें बीपी, शुगर, हीमोग्लोबिन की निशुल्क जांच की है विशेष सुविधा है।
*आयुष विभाग के स्टाल पर लग रही लोगों की भीड़*
महोत्सव में प्रतिभागी के रूप में शामिल आयुष विभाग गुरुग्राम के काउंटर पर आ रहे लोगों को विभिन्न प्रकार के रोगों में सहायक योगासनों की विस्तृत जानकारी डॉक्टर भूदेव द्वारा प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही एसिडिटी, मधुमेह, वायरल बुखार, पाचनतंत्र सहित छोटे बच्चों के सर्दी खांसी जैसे रोगों में घरेलू उपायों के बारे में भी जानकारी प्रदान की जा रही है।
*अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 में कलाग्राम की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र*
कलाग्राम सोसाइटी द्वारा जॉन हॉल, सिविल लाइंस में आयोजित प्रतिष्ठित एवं प्रभावशाली कलाकारों की पेंटिंग प्रदर्शनी-कम- सेल कला प्रेमियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 29 नवम्बर से 1 दिसम्बर तक चल रही इस प्रदर्शनी में सरिका गर्ग, मोनिका गोयल, सोनिया वर्मा, तुहिन भट्टाचार्य, अजय दुआ, आशीष महाकुर, देव रामप्रसाद, सुझाता मिग और पूनम यादव, कावेरी राज जैसे अनुभवी कलाकारों की कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं। प्रदर्शनी की क्यूरेटर संगीता राज द्वारा चयनित इन पेंटिंग्स में पारंपरिक और समकालीन कला का अनूठा मेल देखने को मिल रहा है, वहीं डिजिटल भगवद्गीता, मधुबनी कला और हस्तशिल्प के स्टॉल भी दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। प्रदर्शनी के सुचारू संचालन में कलाग्राम की कम्युनिकेशन एवं सांस्कृतिक प्रबंधक आकांक्षा अंशु की भूमिका महत्वपूर्ण रही।कलाग्राम सोसाइटी की निदेशक शिखा गुप्ता ने सभी कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और सांस्कृतिक उत्साही लोगों से आग्रह किया है कि वे इस अनूठी प्रदर्शनी का हिस्सा बनकर भारतीय कला, अध्यात्म और सृजनशीलता के इस अद्भुत संगम का अनुभव करें और कलाकारों के कलात्मक प्रयासों को प्रोत्साहित करें।
*प्रदर्शनी में क्राफ्ट स्टॉल पर उमड़ी रही भीड़*
प्रदर्शनी में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए क्राफ्ट स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। जूट से बने सजावटी उत्पाद, हाथ से बुने फैब्रिक और घरेलू उपयोग की हस्तनिर्मित वस्तुओं ने आगंतुकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत करते हुए अपने कौशल से बने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय कर रही हैं। आगंतुकों ने इन क्राफ्ट स्टॉल की खूब सराहना की और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने वाली इस पहल को महोत्सव की बड़ी उपलब्धि बताया।
*कार्डिएक अरेस्ट होने पर सीपीआर कैसे करें, दर्शकों को बताया जा रहा*
महोत्सव में जीवन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला रेड क्रॉस सोसायटी के स्टॉल पर आ रहे लोगों को आपात स्थिति में कार्डियक अरेस्ट होने पर सीपीआर करके कैसे मरीज़ को दोबारा जीवन दान दिया जा सकता है, इसका बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। प्राथमिक उपचार की विधि के तहत सीपीआर, ब्लीडिग, फ्रैक्चर, बेहोशी, चोकिंग और हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन स्थितियों में रोगियों को प्राथमिक उपचार कैसे किया जाता है, इसकी भी संक्षिप्त प्रेजेंटेशन दी जा रही है।
*उपचार की विभिन्न विधियों में रुचि दिखा रहे जिलावासी*
महोत्सव में डॉ ललित गोला द्वारा रोग उपचार की नई विधि, इलेक्ट्रोपैथी द्वारा किया जा रहा उपचार भी मेले में आने वाले लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन रहा है। डॉ गोला ने बताया कि इलेक्ट्रोपैथी वह वैज्ञानिक पद्धति है जो हमें पेड़ पौधों की इलेक्ट्रिसिटी से मनुष्य शरीर की असमान इलेक्ट्रिसिटी को समान करने में सहायक होती है। मेले में उनके द्वारा सर दर्द , घुटनो में दर्द या शरीर मे अन्य किसी प्रकार के दर्द के लिए दी गयी दवा तत्काल राहत प्रदान कर रही है।

