नई दिल्ली, सतीश भारद्वाज: दिल्ली के बवाना क्षेत्र के गांव हरेवली के एक पीड़ित किसान ने गोपाल गौशाला के संचालकों पर जानबूझकर लापरवाही, दबंगी, गुंडागर्दी कर परेशान करने के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। किसान का कहना है कि गौशाला वालों ने गंदा पानी उसकी बाजरे की फसल में छोड़ दिया गया, जिससे फसल को भारी नुकसान हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता अजय कुमार निवासी गांव हरेवली, दिल्ली ने थाना नरेला के एसएचओ को दिए गए शिकायत पत्र में बताया कि उनकी गांव में लगभग चार एकड़ कृषि भूमि है, जहां उन्होंने बाजरे की फसल बो रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खेत के पास स्थित गोपाल गौशाला में कार्यरत राजेश सिंगल व प्रमोद सहरावत नामक कर्मचारी की शय पर गोशाला का गंदा पानी उनकी फसल में छोड़ दिया गया है। इससे पूरी फसल प्रभावित हुई और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
किसान ने बताया कि रविवार को घटना के तुरंत बाद उन्होंने 112 हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस थाने जाकर लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच पड़ताल कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा खराब हुई फसल का मुआवजा दिलाने व अपनी जान माल की रक्षा की गुहार लगाई है। उनका कहना था कि उन्हें बार-बार किसी ना किसी बहाने प्रताड़ित किया जा रहा है। इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि दिल्ली पुलिस मुख्यालय और डीसीपी बाहरी उत्तर (बाहरी जिला) को भी भेजी गई है। जब इस बारे में थाना प्रभारी से फोन पर बात की गई तो उनका कहना था कि मामला उनके संज्ञान में आया है, लिखित शिकायत थाने आ गई है,जिसपर जल्द ही जांच करके कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह जमीन का विवाद है, लेकिन क्षेत्र में अमन-चैन बना रहे, इसलिए कोई भी पक्ष कानून के खिलाफ दबंगी दिखाएगा तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि उक्त जमीन का मामला एसडीएम अदालत में चल रहा है, वहीं दिल्ली हाईकोर्ट से किसान को स्टे मिला हुआ है। नज़दीक बनी गौशाला वाले अपनी दबंगी से उक्त जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। जबकि उनका इस जमीन से कोई लेना-देना नहीं है। इससे पहले भी उन्होंने दबंगी दिखाते हुए एक अवैध गेट भी जमीन की तरफ लगा लिया था। जिसकी भी पहले शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं आस-पास लोगों ने बताया कि उक्त गौशाला में कार्यरत अधिकतर कर्मचारी भाजपा व RSS से जुड़े हुए हैं। जिसके चलते प्रशासन भी उनके आगे नतमस्तक है, जबकि वे स्वयं गौशाला में काफी अवैध काम कर रहे हैं।

