गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: आगामी मानसून को देखते हुए नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। नगर निगम के जोन-5, जोन-6, जोन-7 एवं जोन-8 में चिन्हित जलभराव संभावित स्थलों पर विशेष कार्य योजना के तहत विकास एवं ड्रेनेज संबंधी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। मंगलवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित मानसून प्रबंधन सेल की बैठक में कार्यों की प्रगति की समीक्षा हुई।
*जोन-5 में 29 जलभराव संभावित स्थल,13 पर कार्य पूरा*
जोन-5 में कुल 29 वॉटरलॉगिंग हॉटस्पॉट हैं, जिनमें 14 माइनर, 12 मॉडरेट तथा 3 हाइपरक्रिटिकल श्रेणी के स्थल शामिल हैं। इनमें से 13 स्थलों पर कार्य पूर्ण कर समस्या का समाधान किया जा चुका है। शेष स्थलों पर कार्य प्रगति पर है।
*जोन-6 में 22 हॉटस्पॉट्स पर विशेष फोकस*
जोन-6 में कुल 22 जलभराव संभावित स्थल हैं, जिनमें 7 माइनर, 8 मॉडरेट तथा 7 हाइपरक्रिटिकल स्थल शामिल हैं। निगम द्वारा सभी स्थलों पर गैर-डीपीआर श्रेणी के कार्यों के माध्यम से समाधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अब तक 8 स्थलों पर कार्य पूर्ण हो चुके हैं जबकि अन्य स्थलों पर निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य जारी हैं।
*जोन-7 में अधिकांश हॉटस्पॉट्स का समाधान*
जोन-7 में कुल 21 जलभराव संभावित स्थलों की पहचान की गई है। इनमें 18 माइनर, 2 मॉडरेट तथा 1 हाइपरक्रिटिकल स्थल शामिल है। निगम की रिपोर्ट के अनुसार 11 स्थलों पर कार्य पूर्ण कर समस्या का समाधान किया जा चुका है। कई अन्य स्थलों पर निर्माण, नालों की मरम्मत एवं सफाई कार्य जारी हैं।
*जोन-8 में हाइपरक्रिटिकल स्थलों पर विशेष निगरानी*
जोन-8 में कुल 14 हॉटस्पॉट चिन्हित हैं, जिनमें 6 माइनर, 3 मॉडरेट तथा 5 हाइपरक्रिटिकल स्थल शामिल हैं। इनमें से 6 स्थलों पर कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष स्थानों पर ड्रेनेज सुधार, डिसिल्टिंग एवं अन्य आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
*समयबद्ध तरीके से हो रहे हैं विकास कार्य*
नगर निगम द्वारा जलभराव से संबंधित परियोजनाओं को शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म तथा लॉन्ग टर्म श्रेणियों में वर्गीकृत कर कार्यान्वित किया जा रहा है। कई परियोजनाओं को मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि दीर्घकालिक परियोजनाओं पर भी कार्य तेजी से जारी है।
*नागरिकों को मानसून में राहत देने का लक्ष्य*
निगमायुक्त ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम का उद्देश्य मानसून के दौरान बेहतर जलनिकासी करके नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए ड्रेनों की सफाई, डिसिल्टिंग, स्टॉर्म वॉटर ड्रेन निर्माण, पंपिंग संसाधनों की उपलब्धता तथा फील्ड स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है। सभी जोनों में जलभराव संभावित स्थलों की नियमित समीक्षा की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका व डॉ जयवीर यादव, संयुक्त आयुक्त डॉ प्रीतपाल सिंह, चीफ इंजीनियर विजय ढाका सहित कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।

