रेवाडी, सतीश कौशिक : प्रदेश का जो मुख्यमंत्री अपनी पूरी सरकारी मशीनरी और टीम के साथ स्थानीय शहरी निकाय के चुनावों में उतर जाए ये उसकी लोकप्रियता नहीं बल्कि डर है, कुर्सी खोने का डर, वर्चस्व गंवाने का डर और जनता के गुस्से से होने वाले नुकसान का डर। एक सीएम का पार्षदों के लिए वोट मांगना उनके पद और गरिमा के अनुरूप भी नहीं है, जबकि निकाय चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं ऐसे में सीएम का चुनाव प्रचार उनमें बैठे हार के खौफ को उजागर करता है।’ उक्त बातें हरियाणा अनुसूचित जाति कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्षा सुनीता वर्मा ने रेवाड़ी नगर परिषद चेयरमैन की कांग्रेस प्रत्याशी निहारिका चौधरी के चुनाव प्रचार में सभा को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि शहरों में पसरी गंदगी, बेतहाशा फैला भ्रष्टाचार, सरकार की शह पर हो रहा अतिक्रमण सब इस भाजपा की कु-नीतियों, निकम्मेपन और इनके द्वारा पैदा की गई अव्यवस्थाओं की पोल खोल रहे हैं। ये लोग आज ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने की बात करते हैं लेकिन कोई इनसे पूछे कि पहले भी तो इनकी ट्रिपल इंजन की सरकार ही तो थी फिर इन्होंने कौन सी जनता की तकलीफें दूर कर दी।महिला कांग्रेस नेत्री ने नगर परिषद चुनावों में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों को जिताने की अपील करते हुए कहा कि आज हर वर्ग बीजेपी के अन्याय, अत्याचार, तानाशाही और अहंकारी राज से दुखी और त्रस्त है। किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी, आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर, सैनिक सभी इस जनविरोधी और व्यवस्था विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने को तैयार है, लेकिन फिर भी ये लोग सत्ता में आ रहे हैं जो कि ये साबित करता है कि ये मतदाताओं द्वारा नहीं बल्कि चुनाव आयोग की कृपया से और सैट की गई ईवीएम मशीन व वोट चोरी से जीतते हैं, इसी कारण ही इन्हें जनता के मुद्दों और उनके हितों की परवाह नहीं है।’
कांग्रेस नेत्री वर्मा ने शहरी निकाय के चुनावों में कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी किए गए चुनावी घोषणा पत्र पर बोलते हुए कहा कि यह घोषणा पत्र शहरों के विकास, स्वच्छता, सुरक्षा और आम जनता की रोजमर्रा की समस्याओं के स्थायी समाधान की गारंटी है। यह प्रदेश के हर वर्ग को न्याय, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस संकल्प हैं। उन्होंने बीजेपी को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि बीजेपी वाले इतना ही महिलाओं के हित में सोचते हैं तो ये ही बता दो कि इन शहरी निकाय चुनावों में कितनी महिलाओं को टिकिट दी है, क्या भाजपा बता सकती है कि अब तक कितनी महिलाएं इनकी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं? क्या ये लोग बता सकते हैं कि बीजेपी ने पार्टी के अंदर बैठे कितने रेपिस्टों से त्यागपत्र लिया और उन्हें जेल भिजवाया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बीजेपी के सभी उम्मीदवार जनता की तकलीफें को नजरअंदाज करके अपने आकाओं के प्रति समर्पित हैं।


