भिवानी, सतीश भारद्वाज : भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि भिवानी यूनिवर्सिटी में जितने भी छात्र हैं, वे ग्रामीण परिवेश के हैं। ग्रामीण परिवेश के छात्रों के लिए सफलता का मापदंड है वह बाकी शहर के छात्रों के मुकाबले ज्यादा सख्त होता है। उन्होंने विधार्थियों को संदेश दिया कि शिक्षा अच्छी मेहनत, लग्न व निष्ठा के साथ करें। मेहनत अच्छी तरह करेंगें तो उसका रिजल्ट भी जरूर अच्छा ही आएगा।वहीं सीजेआई ने एआई के प्रयोग पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जितना सदुपयोग हम कर सकते हैं, उतना हम कर रहे हैं। हमने एआई प्रणाली में काफी प्रयोग किया है। हम जजमेंट (न्याय) जो करना है, वह जज का काम होता है। वह जिम्मेदारी उसकी है। उसमें हम एआई का प्रयोग नहीं करना चाहते। एआई की बहुत सी पॉजीटिव चीजें हैं, जो हमने ली हैं। उसकी कुछ नेगिटिव चीजें भी सामने आई हैं, जैसे गलत जजमेंट पैदा कर देना, जो चीज है नहीं उसे पैदा कर देना। उन चीजों पर भी हमने प्रिवेंटिव स्टेप लिए हैं। वहीं, केस पेंडिंग रहने पर कहा कि पहले से बहुत सुधार हुआ है और आगे सुधार होता जाएगा।
भिवानी के गांव प्रेमनगर स्थित चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय के 5वें दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष व शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने 600 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां बांटी। जिनमें 43 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल व 12 को पीएचडी डिग्रियां भी दी गई।हरियाणा के पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने 24 नवंबर, 2025 को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। वे सर्वोच्च पद पर पहुंचने वाले हरियाणा के पहले व्यक्ति हैं। सीजेआई बनने के बाद वे गुरुग्राम, हिसार व रोहतक का दौरा पहले कर चुके हैं। भिवानी वह पहली बार पहुंचे हैं।
सीजेआई ने कहा कि जयपुर कार्यक्रम में देरी होने के कारण लेट हुए। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम चौधरी बंसीलाल जिनके नाम पर यह यूनिवर्सिटी है। उन्होंने चौधरी बंसीलाल की सराहना करते हुए एक किस्सा सुनाया कि एक बार चौधरी बंसीलाल का उनके पास फोन आया कि मुझे सूर्यकांत से बात करनी है। उस समय उनकी पत्नी ने फोन उठाया और कहा कि अभी बात करवाती हूं।

