
गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम जिला बार एसोसिएशन के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। जिसमें एडवोकेट विनिता वशिष्ठ को सर्वसम्मति से जिला बार एसोसिएशन की अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। डीबीए बनने के बाद से वे इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला अधिवक्ता हैं, जिनका नाम करीब पचास वर्षों बाद इस पद पर पहुंचा है। जिससे बार एसोसिएशन और पूरे अधिवक्ता समाज में खुशी की लहर दौड़ रहीं हैं। वहीं बताया गया है कि जिला बार एसोसिएशन की स्थापना वर्ष 1975 में हुई थी। जिसके बाद से अब तक कई महिला अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा, लेकिन कोई इस पद तक नहीं पहुंच पाया।


वहीं विनिता वशिष्ठ का अध्यक्ष पद पर मनोनयन बार एसोसिएशन के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। जिन्होंने इस पद पर पहले नम्बर पर नाम दर्ज करवाया है।अध्यक्ष पद के लिए मनोनयन की प्रक्रिया पूरी तरह लोकतांत्रिक रही, जिसमें सभी सदस्यों ने सहमति जताई। पूर्व अध्यक्ष निकेश राज यादव के त्यागपत्र के बाद अध्यक्ष पद को लेकर कुछ समय तक असमंजस का माहौल बना रहा। बार परिसर में बैठकों और चर्चाओं का दौर चला। अंततः महिला अधिवक्ताओं की मांग और सभी सदस्यों की सहमति से विनिता वशिष्ठ को अध्यक्ष चुना गया।जिला बार एसोसिएशन के सचिव राहुल धनखड़ ने बताया कि गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें महिला अधिवक्ताओं ने अपना ज्ञापन सौंपते हुए अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी महिला अधिवक्ता को दिए जाने की मांग रखी थी। इस मांग को स्वीकार करते हुए सर्वसम्मति से उनको अध्यक्ष मनोनीत कर दिया गया।
नवनियुक्त अध्यक्ष विनिता वशिष्ठ ने कहा कि यह पद केवल सम्मान नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। वे अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान, बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय तथा महिला अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करेंगी।वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने उनके मनोनयन का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में जिला बार एसोसिएशन और अधिक सशक्त होगा तथा अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।
