रोहतक, सतीश भारद्वाज : 25 अप्रैल 2026*“टूट, फूट या लूट? जनता खुद समझदार है”* सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी की हालत पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी “तूटी है, फूटी है या लूटी है”, इसका फैसला अब जनता खुद कर ले।**“2007 से साथ… अब सच्चाई बोलने की बारी”**जयहिंद ने याद दिलाया कि वह 2007 से पार्टी के साथ जुड़े रहे, अन्ना आंदोलन का हिस्सा रहे और 28 दिन की सरकार के दौर में भी सक्रिय भूमिका निभाई। अब जब वह किसी पार्टी में नहीं हैं, तो “बिना डर और बिना दबाव” सच्चाई सामने रख रहे हैं।
*“ED का खेल? अरे साहब, CD भी चल रही है!”*
उन्होंने कहा कि मामला सिर्फ ED तक सीमित नहीं है—यहाँ CD, फोन टैपिंग, कॉल रिकॉर्डिंग और लोकेशन ट्रैकिंग का भी “फुल पैकेज” चल रहा है। यानी राजनीति कम, जासूसी ज्यादा!
*“शीश महल का भूत अभी भी घूम रहा है”*
जयहिंद ने कहा कि जिस “शीश महल” को जनता की भावनाओं पर बनाया गया, उसका भूत अब पार्टी का पीछा नहीं छोड़ रहा। नतीजा—7 सांसद जा चुके हैं और 27 विधायक “लाइन में” बताए जा रहे हैं।
*“गद्दार कौन? जो बोले वो या जो छुपाए वो?”*
AAP द्वारा सांसदों को “गद्दार” कहने पर उन्होंने सवाल उठाया—क्या गद्दार वो हैं जो सच बोल रहे हैं, या वो जो सालों से सब कुछ छुपा रहे थे? उन्होंने कहा कि खुद सांसद कह रहे हैं कि अब “पाप के भागीदार” नहीं बन सकते—तो सवाल है, वो पाप क्या था?
*“पंजाब में CM कम, PN ज्यादा! ”*
पंजाब की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए जयहिंद बोले कि वहाँ नेताओं को “थोपा” गया और कुछ को सुपर CM बना दिया गया। असली CM को भी “PN” बना दिया गया—ऐसी राजनीति पर जनता क्या सोचे?*“आम आदमी या करोड़पति क्लब?”**राज्यसभा सांसदों और नेताओं की घोषित संपत्ति पर तंज कसते हुए जयहिंद ने आंकड़े सामने रखे।
* राघव चड्ढा: आय लगभग ₹36 लाख (लेकिन आलीशान शादी पर सवाल)* राजेंद्र प्रसाद: करीब ₹5000 करोड़ संपत्ति* विक्रमजीत साहनी: लगभग ₹498 करोड़* संजीव अरोड़ा: लगभग ₹460 करोड़* मित्तल: लगभग ₹1100 करोड़* हरभजन सिंह: लगभग ₹81 करोड़* सुशील गुप्ता: लगभग ₹173 करोड़।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा—“अगर ये ‘आम आदमी’ हैं, तो फिर करोड़पति क्लब किसे कहेंगे?” साथ ही यह भी जोड़ा कि हलफनामों में जो दिखता है, असल में वह अक्सर उससे कई गुना ज्यादा होता है।*“अंदर से सफाई या अंदर ही सफाया?”**
जयहिंद ने आरोप लगाया कि पार्टी में पुराने नेताओं को बाहर निकालने की “सिस्टमेटिक तैयारी” की गई। और कई बार उन्हें खुद बीच-बचाव करना पड़ा।**“सांसदों को सलाह: अपनी सुरक्षा खुद संभालो”**उन्होंने पार्टी छोड़ चुके सांसदों को चेतावनी देते हुए कहा कि अपनी सुरक्षा का इंतज़ाम कर लें, क्योंकि हालात कभी भी “एक्सीडेंट या घटना” में बदल सकते हैं। साथ ही सरकार से भी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
अंत में जयहिंद ने कहा कि जो उन्होंने बताया है, वह सिर्फ शुरुआत है। आगे और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं, क्योंकि पार्टी के अंदर के लोगों को “पूरा सच” पहले से पता है।

