
गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वे स्वयं गुडग़ांव जिला कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष हैं, लेकिन इसके बावजूद शहर की जनता की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बैठकों में अधिकारियों को आदेश तो देते हैं, मगर कभी स्वयं शहर का भ्रमण कर जमीनी हकीकत देखने की जरूरत महसूस नहीं करते। अगर आदेशों की सही पालना होती, तो आज शहर की सडक़ों में गड्ढे और धूल-मिट्टी से लोग परेशान न होते।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि गुडग़ांव आज विश्व मानचित्र पर अपनी पहचान बना चुका है, लेकिन विडंबना यह है कि यहां की बुनियादी समस्याएं वर्षों से अनसुलझी हैं। मुख्यमंत्री का यह कहना कि सरकार का गुडगांव पर विशेष फोकस है, जनता के साथ मज़ाक जैसा प्रतीत होता है। यदि सच में फोकस होता, तो टूटी सडक़ें, क्षतिग्रस्त फुटपाथ और जर्जर चौक-चौराहे शहर की पहचान नहीं बनते। उन्होंने कहा कि जीएमडीए और नगर निगम साइकिल ट्रैक बनाने की योजनाएं तो गिनाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि पैदल चलने वालों के लिए भी सुरक्षित रास्ते उपलब्ध नहीं हैं। सडक़ों पर किया जाने वाला पैचवर्क कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है, जिससे घटिया सामग्री और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। ऐसा लगता है मानो नई सडक़ें बनाना प्रशासन की प्राथमिकता में ही नहीं रहा। पुराने गुडग़ांव को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।डावर ने 30 दिसंबर को हुई मुख्यमंत्री की रैली का जिक्र करते हुए कहा कि उसी मंच से भाजपा की पूर्व सांसद ने सेक्टर-10 से गाड़ौली तक की सडक़ की बदहाली पर सवाल उठाए थे। आश्चर्य की बात है कि इस मुद्दे पर कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को 40 दिन का समय लग गया। अब 24 घंटे में गड्ढामुक्त करने का आदेश दिया गया है। देखना होगा कि यह आदेश वास्तव में धरातल पर कब उतरता है या नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के प्रति मंत्री द्वारा की गई टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक है। ये कर्मचारी हर त्योहार और आपात स्थिति में अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी निभाते हैं। उनका मनोबल गिराने के बजाय सरकार को शहर की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। डावर ने मांग की कि गुडग़ांव की जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर स्थायी समाधान किया जाए, केवल घोषणाओं और आदेशों से नहीं, बल्कि ठोस और पारदर्शी कार्रवाई से। शहर की जनता अब जवाब चाहती है, बहाने नहीं।
