गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: राजस्थान राज्य से जोधपुर जिला प्रशासन की एक उच्च स्तरीय टीम गुरुवार को आईएमटी मानेसर सेक्टर-6 स्थित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का दौरा करने पहुंची। दौरे का मुख्य उद्देश्य आईएमटी औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले प्रदूषित पानी को शुद्ध करने की तकनीक को सीखना था। जोधपुर में भी इसी तर्ज पर नया सीईटीपी स्थापित करने की योजना है। टीम में जोधपुर के जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, नगर निगम जोधपुर के आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी समेत वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। मानेसर नगर निगम आयुक्त प्रदीप सिंह ने उनका स्वागत किया और प्लांट की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया।टीम ने सीईटीपी का विस्तृत निरीक्षण किया। यहां आईएमटी मानेसर के औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले सीवर के पानी को कैसे शुद्ध किया जाता है, इस प्रक्रिया को बारीकी से समझा। प्लांट प्रतिदिन लाखों लीटर प्रदूषित पानी को ट्रीट करता है। आयुक्त प्रदीप सिंह ने बताया कि हमारी टीम ने जोधपुर अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी। मानेसर का यह प्लांट जीरो लिक्विड डिस्चार्ज माॅडल पर आधारित जोकि पर्यावरण के अनुकूल है। टीम ने यहां कंट्रोल रूम, ट्रीटमेंट टैंकों और लैब का दौरा किया।
इस दौरान जोधपुर डीएलबी के चीफ इंजीनियर अरूण व्यास, आरएसपीसीबी के चीफ इंजीनियर अमित शर्मा, नगर निगम जोधपुर के एक्सईएन सुनिल व्यास, जोधपुर डेवलपमेंट आथाॅरिटी के एक्सईएन प्रदीप हुडा और एसडीओ महेंद्र कुमार गुर्जर, नगर निगम मानेसर के एक्सईएन मनदीप धनखड़, एसडीओ अनिल मलिक सहित एचएसआईआईडीसी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम के अन्य अधिकारी शामिल रहे।

