गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मेयर राजरानी मल्होत्रा ने स्पष्ट किया है कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की गाड़ियां हर गली और घर तक जाएंगी और निर्धारित मानकों के अनुसार सही तरीके से कचरा संग्रहित करेंगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि नगर निगम गुरुग्राम द्वारा कचरा संग्रहण के लिए शहरवासियों से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।यह बातें मेयर ने सोमवार को नगर निगम कार्यालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान कहीं। बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया, अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव, कार्यकारी अभियंता सुंदर श्योराण सहित निगम पार्षद एवं डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण कार्य में लगी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

*जीपीएस व ऑनलाइन निगरानी से होगी कचरा गाड़ियों की मॉनिटरिंग*
बैठक में बताया गया कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण गाड़ियों में जीपीएस आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि गाड़ियों की आवाजाही और कार्यप्रणाली पर लगातार नजर रखी जा सके। इसके साथ ही ऐसी ऑनलाइन व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे संबंधित वार्डों के पार्षद भी कचरा संग्रहण गाड़ियों की निगरानी कर सकें।*कचरा सीधे सेकेंडरी प्वाइंट पर पहुंचाना होगा अनिवार्य* बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि घर-घर से एकत्रित किया गया कचरा सीधे निर्धारित सेकेंडरी कचरा प्वाइंट पर ही डाला जाएगा। संयुक्त आयुक्त अपने-अपने जोन क्षेत्र में यह सुनिश्चित करेंगे कि कचरा कहीं और न फेंका जाए। यदि किसी क्षेत्र में सेकेंडरी प्वाइंट के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर कचरा डालते हुए पाया गया, तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
*वार्ड व जोन स्तर पर संसाधनों की व्यवस्था*
नगर निगम द्वारा स्वच्छता कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए वार्ड स्तर पर 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा जोन स्तर पर 3 जेसीबी मशीनों की व्यवस्था भी की गई है। जेसीबी मशीनों की रोस्टर प्रणाली संयुक्त आयुक्तों द्वारा तैयार की जाएगी और उसी के अनुरूप मशीनें कार्य करेंगी।मेयर राजरानी मल्होत्रा के अनुसार नगर निगम का उद्देश्य है कि शहर के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिले। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है, ताकि कहीं भी कचरा फैलने की स्थिति न बने।निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तकनीक आधारित निगरानी, स्पष्ट जिम्मेदारी और सख्त कार्रवाई के माध्यम से कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इससे न केवल शहर की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि नागरिकों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
