गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम नरेंद्र सूरा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा जिला जेल भोंडसी में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम निशा ने जेल लोक अदालत की अध्यक्षता करते हुए बंदियों से उनके लंबित मामलों, कानूनी समस्याओं तथा उन्हें उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में बातचीत की। उन्होंने बंदियों को निशुल्क विधिक सेवाओं और उनके अधिकारों की जानकारी भी दी।जिला जेल भोंडसी के निरीक्षण के दौरान निशा ने बैरकों, रसोईघर, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, विधिक सहायता क्लिनिक तथा बंदियों के कल्याण से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
डीएलएसए सचिव ने बंदियों से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध करवाई जा रही मूलभूत सुविधाओं और विधिक सहायता की स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।इसके बाद निशा ने उपमंडलीय न्यायालय परिसर, सोहना का निरीक्षण किया। इस दौरान उपमंडल न्यायिक मजिस्ट्रेट सीमा भी मौजूद रहीं। निरीक्षण के दौरान न्यायालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, प्रतीक्षा कक्ष सहित अन्य जनसुविधाओं की समीक्षा की गई। साथ ही न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ “समाधान समारोह” अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर चर्चा की गई, ताकि अधिक से अधिक लोग विशेष लोक अदालत का लाभ उठा सकें।उन्होंने लोक अदालतों के माध्यम से विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के प्रति आमजन को जागरूक करने पर भी बल दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा समाज के सभी वर्गों को न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने और उनके विधिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

