गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने और अनावश्यक खर्च से बचने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हरियाणा के मुख्यमंत्री मंत्री नायब सिंह सैनी ने भी अपना काफिला छोटा कर सादगी का संदेश दिया है। इसी कड़ी में दिल्ली सरकार ने भी दो दिनों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू कर ईंधन बचत और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में कदम बढ़ाया है। लेकिन इन अपीलों के बीच गुरुग्राम के एक भाजपा विधायक के सेक्टर-21 स्थित निवास पर आयोजित कार्यक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी।
वीरवार को कार्यक्रम में प्रदेश की कैबिनेट स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को आमंत्रित किया गया था, जहां करीब 200 गाड़ियों का बड़ा काफिला पहुंचने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों में इसे लेकर चर्चाएं रहीं कि जब सरकार और शीर्ष नेतृत्व सादगी तथा ईंधन बचत का संदेश दे रहे हैं, तब इतने बड़े स्तर पर वाहनों का जमावड़ा सवाल खड़े करता है।समारोह के दौरान भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी भी खुलकर सामने आती दिखाई दी। चर्चा रही कि क्षेत्र के विधायक व सरकार में मंत्री के करीबी माने जाने वाले कई भाजपाई नेता और जिला अध्यक्ष कार्यक्रम में नजर नहीं आए। राजनीतिक जानकार इसे संगठन के भीतर बढ़ती खींचतान और स्थानीय स्तर पर असंतोष से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं विपक्षी दलों को भी इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने का मौका मिल गया है। वहीं सूत्रों से जानकारी मिली है कि भाजपा जिला अध्यक्ष शहरी तो किसी कार्यक्रम में चंडीगढ़ मीटिंग में गए हुए थे।

