गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: गुरुग्राम की एक अदालत ने सैक्टर 21 निवासी प्रोपर्टी डीलर की षड्यंत्र के तहत की गई हत्या मामले में में सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला गुरुग्राम के सेक्टर-22ए में एक युवक की गोली मारकर की गई हत्या से जुड़ा था। जिसकी करीब साढ़े तीन साल पहले रात्रि को सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस को दी शिकायत में मृतक के पिता ने बताया था कि वर्ष 2022 में 30 अक्तूबर रात उनका बेटा धर्मेश सेक्टर-22ए स्थित निर्माणाधीन मकान में सो रहा था। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस शिकायत के आधार पर स्थानीय पालम विहार थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। जिसकी जांच काईम बांच को सौंपी गई थी, जिसमें पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान मोहम्मदिन, बबलू खान, शोएब खान ( निवासी जिला संभल, उत्तर प्रदेश) और एक महिला नीता के रूप में हुई। पुलिस ने मामले की गहन जांच कर सभी आवश्यक साक्ष्य और गवाह जुटाए और अदालत में मजबूत आरोप पत्र दाखिल किया।

जिसपर अदालत ने सभी सबुतो और गवाहों के बयान पर गौर करते हुए चार आरोपियों को उम्रकैद की सज़ा सुनवाई गई। करीब साढ़े तीन साल तक चली कानूनी कार्रवाई के बाद, बीते 4 अप्रैल को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सभी आरोपियों को दोषी पाया गया। अदालत ने नीतू यादव, मोहम्मदिन और शोएब खान को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B और 302 के तहत उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं एक अन्य को 3 साल की अतिरिक्त सजा। वहीं, आरोपी बबलू खान को भी इन्हीं धाराओं के तहत उम्रकैद और जुर्माने की सजा के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत 3 साल की अतिरिक्त सजा और 5 हजार रुपए का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस हत्याकांड में मृतक की पत्नी ने ही एक साज़िश के तहत वारदात को अंजाम दिलवाया गया था। जिससे उनके परिवार में दुखों का पहाड़ टुट पड़ा था। जिसको भी पुलिस ने आरोपी बनाया था,उसको भी सजा हुई है। वहीं मृतक के दो छोटे बच्चे भी बताएं गए हैं।
