रोहतक, सतीश भारद्वाज : नवीन जयहिंद ने एचएसवीपी विभाग द्वारा रोहतक के सेक्टर 6 बाग में लगे सैंकड़ों पेड़ो के काटने पर सरकार पर कड़ा हमला बोला जयहिंद ने विभाग द्वारा पेड़ो को काटने पर पेड़ो की हत्या बताया ओर कहा कि “पेड़ों का कत्ल करने वालों की अब खैर नहीं, उन्होंने पेड़ों की अवैध कटाई को समाज और प्रकृति के खिलाफ एक बड़ा अपराध बताया
*पेड़ों का कत्ल बर्दाश्त नहीं: जयहिंद*
नवीन जयहिंद ने कहा कि विकास के नाम पर या निजी स्वार्थ के लिए जिस तरह पेड़ों का कत्ल नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है मुख्यमंत्री सैनी को ध्यान देना चाहिए जो लोग पेड़ों को काटकर हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य अंधकार में डाल रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
*नवीन जयहिंद का बड़ा खुलासा*
रोहतक के सेक्टर 6 बाग में पेड़ों की कटाई के पीछे 10 करोड़ की ‘सुपारी’, भू-माफिया और अफसरों का गठजोड़ है जयहिंद ने आरोप लगाया है कि हजारों पेड़ों को काटने के लिए ₹10 करोड़ की ‘सुपारी’ दी गई है, जिसमें 2 बड़े नेता और 2 आलाअफसर सीधे तौर पर शामिल हैं। अगर मुख्यमंत्री जांच कराए तो सारी बातें सामने आ जाएगी
*बाग के पेड़ो की साजिशन कटाई: जयहिंद*
जयहिंद ने बताया कि जब पेड़ों की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट और एनजीटी (NGT) में सुनवाई चल रही थी तो पेड़ो को क्यों काटा गया पेड़ों को काटने के लिए सरकार की ओर से एक जेसीबी (JCB) लगाई गई थी, जबकि भू-माफियाओं की 10 जेसीबी मशीनें पेड़ों को जड़ से उखाड़ने में लगी रहीं।
*जयहिंद ने पेड़ काटने वालों के खिलाफ की FIR की मांग:*
जयहिंद ने मांग की है कि इस अवैध कटाई के जिम्मेदार अधिकारियों और भू-माफियाओं के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए*5 अप्रैल को पेड़ों की ‘तेरहवीं’ और अंतिम संस्कार : जयहिंद*प्रकृति के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए नवीन जयहिंद ने घोषणा की है कि आने वाली 5 अप्रैल, रविवार को वे इन निर्दोष कटे हुए पेड़ों का अंतिम संस्कार और तेरहवीं करेंगे। विभाग द्वारा काटे गए पेड़ो में ऐसे पेड़ भी लगाए हुए थे जो मां के साथ साथ बाप के नाम लगे हुए थे पेड़ो को काटने की बजाए बाग का नाम नरेंद्र नायब जी पार्क रख दे लेकिन पेड़ो को नहीं काटना चाहिए उन्होंने जनता से अपील की है कि वे पर्यावरण को बचाने के लिए इस मुहिम का हिस्सा बनें और सरकार के इस तानाशाही रवैये के खिलाफ आवाज उठाएं।”जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो प्रकृति को बचाना हर नागरिक का धर्म है। हम इन पेड़ों की हत्या का हिसाब लेकर रहेंगे।

